मा यिंग-जो: हार्वर्ड लॉ डॉक्टरेट लेकर चियांग चिंग-कुओ के दफ़्तर में अंग्रेज़ी अनुवादक बने, आठ साल "स्वच्छ" छवि पर टिके राष्ट्रपति रहे, पीछे छोड़ गए दोनों किनारे, सनफ्लावर और 22K

7 नवंबर 2015 को सिंगापुर के शांगरी-ला में उन्होंने शी जिनपिंग से 1 मिनट 20 सेकंड हाथ मिलाया — 1949 के बाद दोनों किनारों के सर्वोच्च नेताओं की पहली मुलाकात। वही तस्वीर आज तक ताइवानी समाज में दो बिल्कुल अलग तरीकों से याद की जाती है: एक तरफ़ ऐतिहासिक सफलता, दूसरी तरफ़ स्वायत्तता में समझौता। आठ साल के राष्ट्रपति कार्यकाल में बनी उनकी "स्वच्छ" छवि, दोनों किनारों की नीति, 22K और सनफ्लावर आंदोलन — साथ ही पद छोड़ने के बाद दस साल में दो बार चीन यात्रा और 2026 के पारिवारिक बयान — का फ़ैसला आज तक नहीं हो पाया है।

30 सेकंड में सार: मा यिंग-जो (जन्म 1950, ब्रिटिश हांगकांग) चीन गणराज्य (ताइवान) के बारहवें और तेरहवें राष्ट्रपति रहे (2008-2016)। कार्यकाल में ECFA, दोनों किनारों के बीच सीधी उड़ानें और 7 नवंबर 2015 की मा-शी मुलाकात का 80 सेकंड लंबा हाथ-मिलाना संभव हुआ, तो साथ ही 22K भी पीछे छूटा — वह कम वेतन वाला शुरुआती बिंदु जिसे पूरी एक पीढ़ी आज तक याद रखती है — और सनफ्लावर छात्र आंदोलन तथा एरा न्यूज़ के सर्वे में दर्ज 9.2% स्वीकृति-दर का रिकॉर्ड भी। पद छोड़ने के बाद उन्होंने 2023 और 2024 में दो बार चीन की यात्रा की; 10 अप्रैल 2024 को बीजिंग में हुई दूसरी मा-शी मुलाकात में भाषण के दौरान उनसे "चीनी राष्ट्र" की जगह ग़लती से "चीन गणराज्य" निकल गया, जिसे उन्होंने तुरंत सुधार लिया। मई 2026 में परिवार ने अदालत में सहायक-घोषणा (輔助宣告) की अर्ज़ी दी, और मा यिंग-जो ने ख़ुद वीडियो बनाकर जवाब दिया: "वकील साहब, क्या इससे साबित हो जाता है कि मुझे डिमेंशिया नहीं है?" — पद छोड़ने के दस साल बाद भी वे सुर्खियों में बने हुए हैं। "स्वच्छ छवि", अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण, विवादास्पद फ़ैसले, पद-पश्चात विवाद — ये सारी छवियाँ अलग-अलग ताइवानी लोगों के मन में आज भी अलग-अलग अनुपात में मौजूद हैं — 22 मई को डिमेंशिया की अफ़वाहों का जवाब देने वाले उस वीडियो की ख़बर के नीचे भी दो पक्षों की टिप्पणियाँ साथ-साथ दिखीं: एक तरफ़ उनकी ईमानदारी, आत्म-अनुशासन और दोनों किनारों के बीच बर्फ़ पिघलाने की तारीफ़, दूसरी तरफ़ यह सवाल कि विशेष भत्ता मामला, मा-वांग सत्ता-संघर्ष, सनफ्लावर आंदोलन का दमन और "नॉन-स्टिक पैन" जैसे पीछे हटने के रिकॉर्ड को "स्वच्छ छवि" शब्द से ढका नहीं जाना चाहिए।

7 नवंबर 2015 को दोपहर 3 बजे, सिंगापुर के शांगरी-ला होटल की लॉबी मंज़िल पर एक पीले बैकड्रॉप के सामने — पीला रंग यान-हुआंग वंशजों का प्रतीक माना जाता है — मा यिंग-जो और शी जिनपिंग ने हाथ मिलाया। दोनों ने एक-दूसरे को सिर्फ़ "महोदय" कहकर संबोधित किया, और कैमरों के फ़्लैश 1 मिनट 20 सेकंड तक चमकते रहे1। यह 1949 में दोनों किनारों के राजनीतिक विभाजन के बाद के 66 सालों में, दोनों तरफ़ के सर्वोच्च नेताओं की पहली मुलाकात थी।

यही तस्वीर अगले दिन ताइवान में दो बिल्कुल अलग प्रतिक्रियाएँ लेकर आई। कुओमिन्तांग समर्थकों की नज़र में यह दोनों किनारों के बीच बर्फ़ पिघलाने की ऐतिहासिक उपलब्धि थी। डीपीपी और बहुत-से युवाओं की नज़र में यह ताइवान की स्वायत्तता पर एक समझौता था। दस साल बाद पीछे मुड़कर देखें तो 2019 के हांगकांग प्रत्यर्पण-विरोधी आंदोलन ने दूसरी व्याख्या में एक और परत जोड़ दी; और 2024 में लाई चिंग-ते के पदभार संभालने के बाद जब ताइवान जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ा, तो पहली व्याख्या के समर्थकों को फिर से अपनी बात कहने का मौक़ा मिला।

यह समझने के लिए कि यह व्यक्ति एक साथ दो तरीक़ों से क्यों याद किया जाता है, कहानी एक बहुत पहले के दृश्य से शुरू करनी होगी। 1981 में, 31 साल के एक युवा — नेशनल ताइवान यूनिवर्सिटी से लॉ स्नातक — हार्वर्ड से "पूर्वी चीन सागर के समुद्री-तल की सीमा और विदेशी निवेश की कानूनी समस्याएँ" शीर्षक से SJD डिग्री लेकर ताइपे लौटा। छ्येन फू (錢復) की सिफ़ारिश पर उसे राष्ट्रपति भवन में चियांग चिंग-कुओ का अंग्रेज़ी अनुवादक नियुक्त किया गया23।

मा यिंग-जो और शी जिनपिंग की 7 नवंबर 2015 को सिंगापुर के शांगरी-ला होटल में बंद कमरे की बैठक, दोनों पीले बैकड्रॉप के सामने पास-पास बैठे हैं
7 नवंबर 2015 की दोपहर, सिंगापुर के शांगरी-ला होटल में मा यिंग-जो और शी जिनपिंग की बंद कमरे में बैठक। दोनों ने सार्वजनिक रूप से 1 मिनट 20 सेकंड हाथ मिलाया और एक-दूसरे को "महोदय" कहा — 1949 में दोनों किनारों के राजनीतिक विभाजन के बाद के 66 सालों में सर्वोच्च नेताओं की यह पहली मुलाकात थी। Photo:राष्ट्रपति कार्यालय।License via Flickr(CC BY 2.0)

चियांग चिंग-कुओ के दफ़्तर का अंग्रेज़ी अनुवादक: 1981-1996, वह रास्ता जिस पर धूल नहीं जमी

मा यिंग-जो की 2008 में बारहवें राष्ट्रपति पद की शपथ लेते समय की आधिकारिक तस्वीर — काला सूट, लाल टाई, पृष्ठभूमि में चीन गणराज्य का झंडा
मा यिंग-जो की 29 मई 2008 को बारहवें राष्ट्रपति पद की शपथ लेते समय की आधिकारिक तस्वीर। Photo:चीन गणराज्य विदेश मंत्रालय/राष्ट्रपति कार्यालय।License via Wikimedia Commons(सरकारी वेबसाइट खुली सूचना घोषणा)

मा यिंग-जो का जन्म 13 जुलाई 1950 को ब्रिटिश हांगकांग के काउलून स्थित याउ मा तेई इलाक़े के क्वांग वा अस्पताल में हुआ। उनके पिता मा हो-लिंग (馬鶴凌) कुओमिन्तांग के पार्टी-प्रशासनिक कार्यकर्ता थे और कार्यपालक युआन की युवा-मार्गदर्शन समिति के निदेशक तथा कुओमिन्तांग की केंद्रीय अनुशासन-समिति के उप-मुख्य-आयुक्त तक पहुँचे। मा हो-लिंग के निधन के बाद उनकी अस्थि-कलश पर आठ अक्षर खुदे थे: "स्वतंत्रता को धीरे-धीरे एकीकरण में बदलो, चीन को पूरी तरह पुनर्जीवित करो"4। बाहरी पर्यवेक्षक अक्सर इन आठ अक्षरों का सहारा लेकर मा यिंग-जो के दोनों-किनारों-संबंधी राजनीतिक रुख़ की व्याख्या करते हैं, हालाँकि वे ख़ुद इस पर शायद ही कभी सीधे जवाब देते हैं।

उनकी पढ़ाई का रास्ता उस दौर के वाइशेंगरेन (外省人) दूसरी-पीढ़ी के राजनीतिक अभिजातों का मानक संस्करण था: चिएनकुओ हाई स्कूल, NTU का लॉ विभाग, 1974 में कुओमिन्तांग की सन यात-सेन छात्रवृत्ति पर अमेरिका जाना, 1977 में न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय से लॉ में मास्टर्स, और 1981 में हार्वर्ड विश्वविद्यालय से लॉ डॉक्टरेट (SJD)3। उनके शोध-प्रबंध का विषय था पूर्वी चीन सागर के समुद्री-तल की सीमा और दियाओयूताई (釣魚台) के आसपास विदेशी निवेश से जुड़ा विवाद — यह विदेश में पढ़ाई के दौरान दियाओयूताई-रक्षा आंदोलन में उनकी भागीदारी का ही विस्तार था, और आगे चलकर दियाओयूताई पर उनके सख़्त रुख़ की बुनियाद भी यहीं से बनी।

1981 में ताइवान लौटकर, छ्येन फू की सिफ़ारिश पर राष्ट्रपति भवन में चियांग चिंग-कुओ के अंग्रेज़ी अनुवादक बने35। 1980 के दशक के ताइवान में यह पद राजनीतिक अभिजात वर्ग में दाख़िल होने का टिकट था। 1988 में चियांग चिंग-कुओ के निधन के बाद ली टेंग-हुई ने सत्ता संभाली, और मा यिंग-जो कार्यपालक युआन की अनुसंधान, विकास व मूल्यांकन समिति के अध्यक्ष बन गए। उन्हें "कार्यपालक युआन मुख्यभूमि कार्य बैठक" स्थापित करने और उसके कार्यकारी सचिव का दायित्व निभाने को कहा गया; आगे चलकर उन्होंने ही "ताइवान क्षेत्र और मुख्यभूमि क्षेत्र जन-संबंध अधिनियम" बनवाने और मुख्यभूमि मामला परिषद (陸委會) तथा जलडमरूमध्य विनिमय फ़ाउंडेशन (海基會) की स्थापना को आगे बढ़ाया5। उनकी बाद की दोनों-किनारों-नीति की वैचारिक बुनियाद यहीं से बननी शुरू हुई।

27 फ़रवरी 1993 को मा यिंग-जो न्याय मंत्री बने6। कार्यकाल में उन्होंने संगठित अपराध और काले-धन की राजनीति पर "अंडरवर्ल्ड के ख़िलाफ़ युद्ध" के अंदाज़ में ज़ोरदार सफ़ाई अभियान चलाया, और मीडिया ने उन्हें एक ईमानदार व निडर सुधारक के रूप में स्थापित किया। "नॉन-स्टिक पैन" — यह उपनाम इसी दौर से उनके साथ परछाईं की तरह चिपक गया7। शुरुआत में यह शब्द तारीफ़ था (यानी वे राजनीतिक लेन-देन की धूल से नहीं सने), लेकिन बाद में इसका संदर्भ बदल गया और इसमें नकारात्मक अर्थ आ गया (यानी वे ज़िम्मेदारी उठाने से बचते हैं, राजनीतिक फ़ैसले लेने को तैयार नहीं होते)। एक ही शब्द, दो मतलब।

📝 क्यूरेटर की टिप्पणी
आम धारणा यह है कि "नॉन-स्टिक पैन" स्वभाव की बात है। लेकिन 1993-2007 के इस रास्ते को ग़ौर से देखें (चियांग चिंग-कुओ के अनुवादक, मुख्यभूमि-कार्य के कार्यकारी सचिव, अनुसंधान-विकास समिति के अध्यक्ष, न्याय मंत्री, ताइपे मेयर) — तो हर पद ऐसा था जिसमें दिखावा ज़्यादा, प्रतिष्ठा ज़्यादा, पर वास्तविक ज़िम्मेदारी कम थी। "नॉन-स्टिक पैन" शायद स्वभाव की मजबूरी नहीं बल्कि जान-बूझकर चुनी गई करियर-रणनीति थी। लेकिन 2008 में जब उन्हें राष्ट्रपति बनकर सचमुच के राजनीतिक फ़ैसले लेने पड़े, तो यही धूल-रहित रास्ता एक बोझ बन गया।

5.22 प्रतिशत अंक और एक विशेष भत्ता मामला: 1998-2007 का राजनीतिक उभार

5 दिसंबर 1998 को ताइपे मेयर का चुनाव हुआ। मा यिंग-जो ने 51.13% वोट (766,377 वोट) पाकर तत्कालीन मेयर चेन शुई-बियान के 45.91% को हराया — जीत का अंतर सिर्फ़ 78,305 वोट यानी 5.22 प्रतिशत अंक था8। इस जोखिम-भरी जीत ने 1990 के दशक के आख़िर में कुओमिन्तांग के भीतर ग़ैर-मुख्यधारा (बेनशेंगरेन) और मुख्यधारा (वाइशेंगरेन) गुटों के बीच सत्ता-बँटवारे को फिर से लिख दिया, और ली टेंग-हुई की लाइन से अलग होने के बाद मा यिंग-जो को कुओमिन्तांग के अगले तैयार उम्मीदवार के रूप में स्थापित कर दिया।

2002 में उन्होंने 64.11% वोट पाकर ताइपे मेयर पद पर दोबारा जीत दर्ज की9 — यह आज तक ताइपे मेयर चुनाव का सबसे ऊँचा वोट-प्रतिशत रिकॉर्ड है। कार्यकाल में उन्होंने कचरा-बैग शुल्क प्रणाली को सख़्ती से लागू करवाया। 2000 के दशक के मध्य में ताइपे के मध्यम वर्ग के बीच बातचीत में ये उपलब्धियाँ आम सहमति की बातें थीं।

जुलाई 2005 में मा यिंग-जो ने 72.36% वोट पाकर वांग जिन-पिंग (王金平) को हराया और कुओमिन्तांग के अध्यक्ष चुने गए10। लियन चान का दौर औपचारिक रूप से समाप्त हो गया। लेकिन मा यिंग-जो और वांग जिन-पिंग के बीच इस पार्टी-आंतरिक प्रतिस्पर्धा से बनी गाँठ, आठ साल बाद सितंबर में ताइवान के राजनीतिक इतिहास की सबसे नाटकीय राजनीतिक भिड़ंत बन जाएगी।

13 फ़रवरी 2007 का दृश्य सिर्फ़ "उसी दिन" शब्दों से बयान किया जा सकता है: सुबह ताइपे ज़िला अभियोजक कार्यालय ने भ्रष्टाचार-निरोधक अधिनियम के तहत मा यिंग-जो पर विशेष भत्ता मामले में मुक़दमा दायर किया; दोपहर मा यिंग-जो ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस बुलाकर कुओमिन्तांग अध्यक्ष पद से इस्तीफ़े और 2008 के राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी11। सुबह मुक़दमा, दोपहर सबसे बड़े राजनीतिक पद की दौड़ में उतरने का ऐलान — यही एक क़ानूनविद के राजनीति में उतरने का एक ख़ास नमूना है। मा यिंग-जो की बचाव-रणनीति थी "बड़ा जलाशय सिद्धांत": सार्वजनिक और निजी खाते मिले-जुले थे, पैसा तरल होता है, इसलिए जब तक कुल आवक-जावक संतुलित है तब तक कोई अपराध नहीं बनता। 14 अगस्त को ताइपे ज़िला अदालत ने पहली सुनवाई में निर्दोष क़रार दिया। 28 दिसंबर को हाई कोर्ट ने दूसरी सुनवाई में यह फ़ैसला बरक़रार रखा।

💡 क्या आप जानते हैं? मा यिंग-जो पर जीवन में तीन बार मुक़दमा चल चुका है: 2007 का विशेष भत्ता मामला, 2014 का हुआंग शिह-मिंग गोपनीयता-लीक मामला, और 2017 का तीन-चुंग मामला (三中案)। तीनों में अब तक उन्हें निर्दोष क़रार दिया जा चुका है। 31 दिसंबर 2025 को हाई कोर्ट ने तीन-चुंग मामले की दूसरी सुनवाई में मा यिंग-जो, चांग जे-चेन और वांग हाई-चिंग को निर्दोष ठहराया; हाई प्रॉसीक्यूटर्स ऑफ़िस अपील पर विचार कर रहा है; त्साई चेंग-युआन को धोखाधड़ी के अपराध में 3 साल 6 महीने की सज़ा हुई12। एक क़ानूनविद की न्यायिक मोर्चे पर जीत-दर, उसके राजनीतिक मोर्चे पर जीत-दर से बिल्कुल अलग निकलती है।

उसी साल जुलाई में मा यिंग-जो ने "ताइवान आगे बढ़ो — दीर्घ-प्रवास योजना (Long Stay)" नाम की चुनाव-रणनीति शुरू की; पहला पड़ाव मध्य ताइवान में 18 दिन का रहा13। विश्लेषक अक्सर इसी रणनीति को 2008 के बड़े चुनाव में उनकी 20 लाख वोटों की जीत की एक बड़ी वजह मानते हैं: एक वाइशेंगरेन दूसरी-पीढ़ी के ताइपे-वासी को, जो कभी मध्य या दक्षिण ताइवान में नहीं रहा था, देश-भर में स्थानीय परिवारों के घरों में रहने भेज दिया गया। लेकिन यह रणनीति उन्हें राष्ट्रपति पद तक पहुँचाने वाली थी — आठ साल बाद मिलने वाली सबसे तीखी आलोचना से पहले।

वित्तीय सुनामी के बाद वह कमरा: 22K कैसे एक सीलिंग बन गया

22 मार्च 2008 को मा यिंग-जो और श्याओ वान-चांग (蕭萬長) की जोड़ी ने 7,659,014 वोट (58.45%) पाकर शिए चांग-टिंग (謝長廷) और सु त्सेंग-चांग की जोड़ी के 5,444,949 वोट (41.55%) को हराया14। ताइवान के लोकतंत्रीकरण के बाद यह अब तक की सबसे बड़ी जीत थी — अंतर 20 लाख वोट से ज़्यादा का। मतदाताओं की उम्मीद साफ़ थी: राजनीतिक विवादों को ठंडे बस्ते में डालो, अर्थव्यवस्था सुधारो, दोनों किनारों के रिश्ते बेहतर करो।

मा यिंग-जो ने 20 मई 2008 के अपने शपथ-ग्रहण भाषण में "न एकीकरण, न स्वतंत्रता, न बल-प्रयोग" का दोनों-किनारों-ढाँचा पेश किया, और "92 सहमति" के आधार पर दोनों किनारों की वार्ता फिर शुरू करने का वादा किया। उस भाषण की सबसे ज़्यादा उद्धृत पंक्ति है: "यिंग-जो को पूरा भरोसा है कि दोनों किनारों की समस्या के अंतिम समाधान की कुंजी संप्रभुता के विवाद में नहीं, बल्कि जीवन-शैली और मूल मूल्यों में है।"15

लेकिन उन्होंने सिर्फ़ एक वादा नहीं संभाला था। सितंबर 2008 में लेहमन ब्रदर्स ढह गया और वैश्विक वित्तीय सुनामी आ गई। मा यिंग-जो ने 2008 के चुनाव-प्रचार में जो "633 नीति-लक्ष्य" (सालाना औसत आर्थिक विकास दर 6%, बेरोज़गारी दर 3% से कम, 2016 तक प्रति-व्यक्ति आय US$30,000) का नारा दिया था, उसे उन्होंने ख़ुद सितंबर में मेक्सिको के मीडिया को दिए इंटरव्यू में स्वीकार कर लिया कि वित्तीय सुनामी के कारण जल्दी पूरा नहीं किया जा सकेगा16। कार्यकाल ख़त्म होने तक औसत आर्थिक विकास दर लगभग 2.81% से 3.0%, बेरोज़गारी दर लगभग 4% रही, और प्रति-व्यक्ति आय US$30,000 तक नहीं पहुँच पाई।

अप्रैल 2009 में, वित्तीय सुनामी की मार झेलते हुए कार्यपालक युआन ने "कॉलेज स्नातकों के लिए उद्यम-कार्यस्थल इंटर्नशिप योजना" शुरू की, जिसे आम तौर पर 22K कहा जाता है। सरकार हर नियुक्त ताज़ा स्नातक के लिए कंपनी को हर महीने NT$22,000 मूल वेतन और NT$4,190 श्रम-स्वास्थ्य बीमा की सब्सिडी देती थी17। मक़सद था बेरोज़गारी का दबाव कम करना। असली नतीजा यह हुआ कि 20-24 साल के कर्मचारियों की मासिक आय 2008 के NT$23,351 से गिरकर 2009 में NT$21,685 रह गई — यानी 7% की गिरावट। योजना दो चरणों में कुल 2 साल 5 महीने चली (अप्रैल 2009 से सितंबर 2011 तक), और इसका विधान 3 जून 2013 को औपचारिक रूप से निरस्त हुआ।

22K का मा यिंग-जो के निजी फ़ैसले से वास्तव में कितना गहरा नाता है, यह ताइवान के अर्थशास्त्र-जगत में आज तक बहस का विषय बना हुआ है।

⚠️ विवादित दृष्टिकोण

"कारण" पक्ष (डीपीपी, श्रम-आंदोलन, कुछ विद्वान): सरकारी सब्सिडी की रक़म सीधे "मूल्य-लंगर" बन गई। कंपनियाँ ठीक NT$22,000 वेतन देती रहीं, ऊपर से कुछ नहीं जोड़ा। 2008-2009 में, जब यह योजना लागू हुई, 20-24 साल वालों का वेतन उसी दौर में 7% गिरा। पूरे 2010 के दशक में ताइवान की वास्तविक मज़दूरी लगभग जहाँ-की-तहाँ रुकी रही — इस आँकड़े को किसी और व्याख्या की ज़रूरत नहीं।

"लक्षण" पक्ष (कुओमिन्तांग, कुछ वित्तीय-आर्थिक विद्वान, राष्ट्रीय नीति अनुसंधान फ़ाउंडेशन): 22K तो 2008 की वित्तीय सुनामी के बाद की एक अस्थायी राहत थी; उस दौर में वेतन-स्तर का गिरना वैसे भी एक आम वैश्विक हक़ीक़त थी18। इस पक्ष की आम दलील यह है कि वेतन की संरचनात्मक गिरावट भूमंडलीकरण, चीन की तरफ़ खिंचाव और उद्योगों के बाहर जाने का मिला-जुला नतीजा है, इसे किसी एक अकेली नीति पर मढ़ना अनुचित है।

लेकिन "लक्षण" पक्ष के लोग भी संरचनात्मक कारणों को मानते हैं, फिर भी 22K का एक पूरी पीढ़ी के प्रतीक में बदल जाना निर्विवाद तथ्य है। उस दौर के कॉलेज स्नातकों ने PTT और ब्लॉग पर 22K को पूरी पीढ़ी की क़ुर्बानी का कोड-नाम बना दिया। यह छाप 22K योजना की असली अवधि से कहीं ज़्यादा लंबे समय तक टिकी रही, और आगे चलकर 2014-2020 के बीच ताइवान की युवा पीढ़ी की राजनीतिक चेतना बनने की एक बड़ी वजह बनी।

उसी साल अगस्त में मोराकोट तूफ़ान आया। 8 अगस्त की इस बाढ़ (八八水災) में 681 लोगों की मौत हुई और 18 लापता हो गए19। श्याओलिन गाँव पूरी तरह तबाह हो गया, 474 लोग ज़िंदा दफ़न हो गए। मा सरकार की राहत-कार्रवाई पर धीमी प्रतिक्रिया का आरोप लगा, और उसी साल सितंबर की शुरुआत में लियू चाओ-श्युएन (劉兆玄) की कैबिनेट ने सामूहिक इस्तीफ़ा दे दिया। यह मा यिंग-जो के शासनकाल का पहला बड़ा संकट था, और उन्हीं दिनों से "नॉन-स्टिक पैन" शब्द में नकारात्मक अर्थ भरना भी शुरू हुआ।

ECFA: एक समझौते की दो बहीखाते: 2010-2013

29 जून 2010 को जलडमरूमध्य विनिमय फ़ाउंडेशन (海基會) के अध्यक्ष चियांग बिंग-कुन (江丙坤) और जलडमरूमध्य संबंध संघ (海協會) के अध्यक्ष चेन युन-लिन (陳雲林) ने चोंगछिंग में दोनों किनारों के आर्थिक सहयोग ढाँचा-समझौते (ECFA) पर हस्ताक्षर किए20। यह मा यिंग-जो की दोनों-किनारों-नीति की सबसे बड़ी उपलब्धि थी। "अर्ली हार्वेस्ट" सूची के तहत, मुख्यभूमि ने ताइवान के 539 उत्पादों पर प्राथमिकता से टैरिफ़ घटाया, और ताइवान ने मुख्यभूमि के 18 कृषि-उत्पादों को तरजीही टैरिफ़ दिया। 1 जनवरी 2013 से सभी उत्पादों पर टैरिफ़ शून्य हो गया।

ECFA पर हस्ताक्षर से पहले, 25 अप्रैल 2010 की दोपहर मा यिंग-जो और डीपीपी अध्यक्ष त्साई इंग-वेन के बीच ECFA पर टेलीविज़न बहस हुई21। यह चीन गणराज्य के किसी राष्ट्रपति द्वारा विपक्षी दल के अध्यक्ष के साथ की गई पहली नीतिगत बहस थी। मा यिंग-जो की दलील थी कि ECFA से ताइवानी उत्पाद मुख्यभूमि के बाज़ार में आसियान-प्लस-वन के मुक़ाबले हाशिए पर जाने से बच जाएँगे; त्साई इंग-वेन की दलील थी कि ECFA ताइवान की अर्थव्यवस्था को चीन पर बहुत ज़्यादा निर्भर बना देगा और कुछ ख़ास उद्योगों (पारंपरिक विनिर्माण और खेती) के मज़दूरों की क़ुर्बानी देगा। दस साल बाद पीछे मुड़कर देखें तो इस बहस के दोनों पक्ष आंशिक रूप से सही निकले।

ECFA का असली आर्थिक असर आज भी दो बहीखातों में बँटा नज़र आता है। पहला बहीखाता है ताइवान इंस्टीट्यूट ऑफ़ इकोनॉमिक रिसर्च के GTAP मॉडल का सरकारी अनुमान: GDP में अनुमानित 1.65% से 1.72% तक की बढ़ोतरी20। दूसरा बहीखाता है फ़ायदे का बँटवारा: "अर्ली हार्वेस्ट" सूची का फ़ायदा मुख्य रूप से पारंपरिक विनिर्माण की बड़ी कंपनियों को मिला, जबकि छोटे-मँझोले उद्यमों और सेवा-क्षेत्र को इसका कोई लाभांश महसूस नहीं हुआ; इसी दौर में चीन पर ताइवान की व्यापारिक निर्भरता लगातार बढ़ती रही, और सनफ्लावर आंदोलन भड़कने तक यह रुझान कभी पलटा नहीं।

📝 क्यूरेटर की टिप्पणी
ECFA "समग्र बनाम बँटवारा" का एक क्लासिक उदाहरण है। समग्र अर्थशास्त्री की नज़र से देखें तो इस समझौते ने ताइवान के GDP में 1.65% जोड़ दिया; कारख़ाने के तकनीशियन और किसान की नज़र से देखें तो इस आँकड़े का उनकी तनख़्वाह से कोई लेना-देना नहीं। मा यिंग-जो के दौर की दोनों-किनारों-आर्थिक-नीति आँकड़ों में सफल थी, लेकिन जो बात आँकड़े नहीं बताते, वह 18 मार्च 2014 की रात नौ बजकर बीस मिनट पर फूट पड़ी। उस रात सैकड़ों छात्र विधायी युआन के सदन में घुस गए।

तूफ़ानी रात का राष्ट्रपति-निवास और एरा न्यूज़ के सर्वे का 9.2%: 2013 का वांग जिन-पिंग मामला

14 जनवरी 2012 को मा यिंग-जो ने 6,891,139 वोट (51.60%) पाकर त्साई इंग-वेन और सु चिया-चुआन (蘇嘉全) की जोड़ी के 6,093,578 वोट (45.6%) को हराया और तेरहवें राष्ट्रपति पद पर दोबारा निर्वाचित हुए22।

दूसरा कार्यकाल शुरू होते ही बिखरने लगा। अप्रैल 2012 में तेल की क़ीमत एक झटके में क़रीब दस फ़ीसदी बढ़ी, मई में बिजली की क़ीमत भी बड़े पैमाने पर बढ़ा दी गई। "519 मा को ललकारो" नाम की बड़ी रैली में पुलिस के अनुमान के मुताबिक़ 55 हज़ार लोग शामिल हुए23। मा यिंग-जो को दोबारा चुने अभी सिर्फ़ चार महीने हुए थे, और जनमत पहले ही पलट चुका था।

31 अगस्त 2013 को तूफ़ान कोंग-रे की रात, अभियोजक-जनरल हुआंग शिह-मिंग (黃世銘) राष्ट्रपति-निवास में मा यिंग-जो को रिपोर्ट देने पहुँचे। रिपोर्ट में बताया गया कि विधायी युआन के अध्यक्ष वांग जिन-पिंग पर डीपीपी के के च्येन-मिंग (柯建銘) के लिए एक न्यायिक मामले में सिफ़ारिश करने का शक़ है, और विशेष जाँच इकाई ने इससे जुड़ी बातचीत टैप की थी। उसी रात 11 से 12 बजे के बीच मा यिंग-जो ने हुआंग शिह-मिंग को फ़ोन करके पूछताछ के लिए बुलाया। 1 सितंबर को हुआंग दूसरी बार राष्ट्रपति-निवास पहुँचे रिपोर्ट देने। 4 सितंबर को मा यिंग-जो ने हुआंग शिह-मिंग को कार्यपालक युआन के प्रमुख चियांग यी-हुआ (江宜樺) को भी रिपोर्ट देने का सुझाव दिया। 6 सितंबर को विशेष जाँच इकाई ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस में टैप की गई बातचीत का लिखित पाठ जारी कर दिया।

8 सितंबर को मा यिंग-जो ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस बुलाई; उपराष्ट्रपति वू डन-यी (吳敦義) और कार्यपालक युआन के प्रमुख चियांग यी-हुआ बग़ल में खड़े थे। उन्होंने जो कहा, पत्रकारों ने उसे इतिहास में दर्ज कर दिया24:

"अगर ताक़तवर लोग ही सिफ़ारिश करके न्याय-व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं, तो आम जनता न्याय-व्यवस्था से निष्पक्षता की उम्मीद कैसे रखे?" "यह न्यायिक स्वतंत्रता पर हमले की सबसे गंभीर घटना है, और ताइवान के लोकतांत्रिक क़ानून-शासन के इतिहास का सबसे शर्मनाक दिन भी।"

11 सितंबर को कुओमिन्तांग की अनुशासन-समिति ने वांग जिन-पिंग की पार्टी-सदस्यता रद्द कर दी। 13 सितंबर को ताइपे ज़िला अदालत ने वांग जिन-पिंग के पक्ष में NT$9,380,000 की अंतरिम राहत मंज़ूर की, जिससे उनकी पार्टी-सदस्यता बरक़रार रह गई। मा यिंग-जो को नैतिक बढ़त तो मिली, पर उन्होंने राजनीतिक समर्थन-दर और पार्टी के भीतर की एकजुटता गँवा दी।

15 सितंबर 2013 को एरा न्यूज़ (年代新聞) के सर्वे में मा यिंग-जो के शासन से संतुष्टि की दर 9.2% और असंतुष्टि की दर 80.5% दर्ज हुई25। ताइवान के लोकतंत्रीकरण के बाद से यह किसी भी राष्ट्रपति के सबसे निचले रिकॉर्ड में से एक है। उसी दौर के TVBS सर्वे में यह आँकड़ा 11% था। (पिछले दस सालों में कई मीडिया संस्थानों ने ग़लती से यह 9.2% वाला आँकड़ा TVBS के नाम कर दिया; सही स्रोत उसी साल 15 सितंबर का एरा न्यूज़ सर्वे है।)

📝 क्यूरेटर की टिप्पणी
आम व्याख्या यह है कि "सितंबर की इस राजनीतिक जंग ने साबित कर दिया कि मा यिंग-जो में राजनीतिक समझ की कमी है।" लेकिन शायद ज़्यादा सटीक बात यह है: मा यिंग-जो ने पूरी तरह एक क़ानूनविद के तर्क से एक राजनीतिक लड़ाई लड़ी। क़ानूनविद की नज़र से, वांग जिन-पिंग पर सिफ़ारिश का शक़, टैप की गई बातचीत का सबूत, और पार्टी-संविधान के मुताबिक़ सदस्यता रद्द करना — यह सब प्रक्रिया के हिसाब से सही था। राजनेता की नज़र से, इस लड़ाई की क़ीमत थी: संसद-अध्यक्ष का सहयोग, पार्टी की एकजुटता, और जनमत का समर्थन — तीनों हाथ से निकल गए। क़ानूनविद के राजनीति में उतरने की सीमा यह नहीं कि वे काफ़ी होशियार नहीं होते, बल्कि यह कि प्रक्रियागत न्याय और राजनीतिक हक़ीक़त दो बिल्कुल अलग आयाम हैं।

सनफ्लावर सदन के बाहर, कार्यपालक युआन के सामने 150 घायल: 2014 में नागरिक समाज का धमाका

18 मार्च 2014 को छात्रों द्वारा विधायी युआन के सदन पर क़ब्ज़े के दौरान, विधायी युआन के बाहर जमा बड़ी भीड़ — हर तरफ़ विरोध के बैनर और नारे
18 मार्च 2014 को सनफ्लावर आंदोलन के दौरान विधायी युआन के बाहर जमा भीड़ का दृश्य। 318 सनफ्लावर आंदोलन 18 मार्च की रात 9:20 बजे छात्रों के सदन में घुसने से शुरू होकर 10 अप्रैल को ख़त्म हुआ — कुल 24 दिन तक सदन पर क़ब्ज़ा रहा। Photo: Voice of America।License via Wikimedia Commons(Public domain,VOA अमेरिकी सरकार की कृति)

17 मार्च 2014 की दोपहर, विधायी युआन की गृह-मामलों की समिति के संयोजक और कुओमिन्तांग विधायक चांग चिंग-चुंग (張慶忠) ने महज़ 30 सेकंड में सेवा-व्यापार समझौते की समिति-समीक्षा पूरी होने की घोषणा कर दी26। 18 मार्च की रात 9 बजकर 20 मिनट पर लगभग 300 छात्र विधायी युआन के सदन में घुस गए। 30 मार्च को केताग्लान बुलेवार्ड पर हुई सेवा-व्यापार-विरोधी रैली में आयोजकों के अनुमान से 5 लाख और पुलिस के अनुमान से 1.16 लाख लोग शामिल हुए। 10 अप्रैल को छात्र सदन से बाहर निकले। सेवा-व्यापार समझौता आज तक क़ानून नहीं बन पाया।

बीच की वह रात 23 मार्च की थी। उस दिन रात 7 बजकर 35 मिनट पर सैकड़ों छात्रों ने कार्यपालक युआन पर क़ब्ज़ा करने की कोशिश की। 24 मार्च की तड़के, पुलिस प्रमुख वांग चुओ-जुन (王卓鈞) ने कार्यपालक युआन के प्रमुख चियांग यी-हुआ को बताया कि समझा-बुझाकर हटाना नाकाम रहा, और चियांग यी-हुआ ने क़ानून के मुताबिक़ हटाने का आदेश दे दिया। पुलिस ने आधी रात से कई चरणों में ज़बरन हटाने की कार्रवाई की, पानी की बौछारें और डंडे इस्तेमाल किए। सुबह 5 बजकर 30 मिनट तक पूरी तरह हटाना ख़त्म हुआ — प्रदर्शनकारी और पुलिस, दोनों तरफ़ ख़ून बहा और लोग घायल हुए27। नियंत्रण युआन ने 9 साल की जाँच के बाद (2023 में रिपोर्ट जारी) यह निष्कर्ष निकाला कि "पुलिस एजेंसियों ने आनुपातिकता के सिद्धांत को लाँघकर हिंसक तरीक़े से हटाने की कार्रवाई की", और कार्यपालक युआन, गृह मंत्रालय, पुलिस प्रशासन, ताइपे नगर पुलिस तथा ताइपे ज़िला अभियोजक कार्यालय को फटकार लगाई।

चियांग यी-हुआ ने बाद में डटकर कहा28: "मुझे इसका पछतावा तो बिल्कुल नहीं, बल्कि मुझे लगता है कि इससे ज़्यादा सही फ़ैसला (हटाने का) मैंने ज़िंदगी में कभी नहीं लिया।" हत्या के प्रयास के आरोप को उन्होंने "तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश की गई, बिना किसी आधार की बदनीयत भरी बदनामी और झूठा मुक़दमा" बताया। मा यिंग-जो और चियांग यी-हुआ पर बाद में हत्या के प्रयास का मुक़दमा चला, और 15 सितंबर 2020 को दूसरी सुनवाई में दोनों को निर्दोष क़रार दिया गया।

उस आंदोलन के एक नेता लिन फेई-फान (林飛帆) ने दस साल बाद, 2024 में पीछे मुड़कर देखते हुए कहा29: "(सनफ्लावर ने सबको यह बता दिया कि) ताइवान की तक़दीर हम ख़ुद तय करते हैं। सेवा-व्यापार समझौते को रोक देने की वजह से मा सरकार न तो माल-व्यापार समझौता कर पाई, न सैन्य-विश्वास-निर्माण तंत्र बना पाई, न दूसरे किनारे से राजनीतिक बातचीत कर पाई — यही हमारी उपलब्धियाँ हैं, यही हमारा बनाया नतीजा है।"

चार साल बाद ख़ुद मा यिंग-जो ने, दिसंबर 2018 में छपी अपनी किताब "आठ साल के शासन की यादें" (八年執政回憶錄) की भूमिका में सनफ्लावर आंदोलन पर यह टिप्पणी की30: "वे लोग, जिन्होंने ताइवान को ठहरा दिया, गुनहगार हैं!" उन्होंने आज तक ठंडे बस्ते में पड़े सेवा-व्यापार समझौते को देश को गहरा नुक़सान पहुँचाने वाला और बेहद हानिकारक बताया, और इसे अपने सबसे बड़े दुख और अफ़सोस की बात कहा।

एक ही आंदोलन की दो बिल्कुल उलट ऐतिहासिक पहचान। दस साल बीत गए, दोनों तरफ़ से कोई पीछे नहीं हटा।

📝 क्यूरेटर की टिप्पणी
सनफ्लावर की कहानी अगर सिर्फ़ "छात्रों ने सदन पर क़ब्ज़ा किया, मा सरकार ने पानी की बौछार से हटाया, सत्ता बदली" तक लिखी जाए तो बहुत सतही होगी। इस आंदोलन को ताइवान के नागरिक समाज का मोड़-बिंदु बनाने वाली असली बात आगे हुई: सनफ्लावर पीढ़ी ने 2016 में त्साई इंग-वेन को 68.9 लाख वोटों से, 2020 में 81.7 लाख वोटों से, और 2024 में लाई चिंग-ते को 55.8 लाख वोटों से सहारा दिया। जब मा यिंग-जो ने 2018 में "ताइवान को ठहरा देने वाले गुनहगार" लिखा, तब वे 21 साल के छात्र 25 साल के हो चुके थे और अगले राष्ट्रपति का फ़ैसला करने के लिए वोट डाल रहे थे। आठ साल के राष्ट्रपति-कार्यकाल के सारे अंतर्विरोध आख़िर में अगले तीन राष्ट्रपति-चुनावों की मतदाता-संरचना बन गए।

14 मार्च 2014 को लायंस क्लब के पदाधिकारियों से मिलते हुए मा यिंग-जो "एंटलर वेलवेट" (鹿茸) (एक पारंपरिक औषधि) को "हिरण के कान के भीतर के बाल" बता बैठे31। इस ज़ुबान-फिसलन ने, उसी दौर के "क्या आगेइ (阿給) (तानशुई की एक मशहूर डिश) किसी इंसान का नाम है?" और "डेथ ग्रिप" जैसे मीम्स के साथ मिलकर, युवा पीढ़ी में मा यिंग-जो की छवि पूरी तरह तोड़ दी। 9 महीने बाद, 29 नवंबर 2014 के नौ-संयुक्त चुनाव में कुओमिन्तांग बुरी तरह हारा — पान-ग्रीन ख़ेमे ने 14 काउंटी-शहर जीते, पान-ब्लू ख़ेमे ने सिर्फ़ 8। ताइपे शहर में को वेन-जे ने 853,983 वोट (57.16%) पाकर लियन शेंग-वेन (連勝文) के 609,932 वोट (40.82%) को हराया32। 3 दिसंबर को मा यिंग-जो ने कुओमिन्तांग अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया।

राष्ट्रपति पद छोड़ने में तब भी डेढ़ साल बाक़ी था।

80 सेकंड से 16 सेकंड तक: दो मा-शी मुलाक़ातें और पद छोड़ने के बाद के दो आख्यान

7 नवंबर 2015 तक मा यिंग-जो पहले ही एक "लंगड़े" (लेम-डक) राष्ट्रपति बन चुके थे। पिछले साल के नौ-संयुक्त चुनाव में कुओमिन्तांग इतनी बुरी तरह हारी थी कि सिर्फ़ सबसे कट्टर समर्थक ही बचे थे, और पार्टी के भीतर 2016 के बड़े चुनाव के उम्मीदवार चू ली-लुन (朱立倫) ने अध्यक्ष-पद संभालने के बाद उनसे दूरी बना ली थी। इसी मोड़ पर वे सिंगापुर के शांगरी-ला के लिए उड़े और शी जिनपिंग से हाथ मिलाया।

दोनों पक्षों ने जान-बूझकर एक-दूसरे को सिर्फ़ "महोदय" कहकर औपचारिक पदवी से परहेज़ किया। मा यिंग-जो के शुरुआती भाषण के पाँच सूत्र कुछ इस तरह थे33: "'92 सहमति' को मज़बूत करना, शांतिपूर्ण यथास्थिति बनाए रखना... नवंबर 1992 में दोनों किनारों के बीच 'एक चीन' सिद्धांत पर बनी सहमति को संक्षेप में '92 सहमति' कहा जाता है। 92 सहमति दोनों किनारों के बीच शांतिपूर्ण विकास को आगे बढ़ाने की साझा राजनीतिक बुनियाद है... दोनों किनारों की जनता एक ही चीनी राष्ट्र से है, सब यान-हुआंग की संतान हैं, इसलिए एक-दूसरे की मदद करें और चीन के पुनरुत्थान के लिए जुट जाएँ।"

समर्थकों की नज़र में यह 1949 के बाद से जलडमरूमध्य के दोनों किनारों के सर्वोच्च नेताओं की पहली मुलाक़ात और दोनों किनारों के बीच दुश्मनी घटाने की एक ऐतिहासिक कामयाबी थी। Britannica के मा यिंग-जो वाले लेख में लिखा है34 (अनुवाद): "अमेरिकी सरकार मा यिंग-जो के राष्ट्रपति रहने से वाक़ई ख़ुश थी, क्योंकि बीजिंग के नेताओं को भड़काने के बजाय उनसे मैत्रीपूर्ण संबंध बनाकर उन्होंने ताइवान जलडमरूमध्य में तनाव घटा दिया; इस दौरान जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे ख़तरनाक संघर्ष-बिंदुओं में से एक होने की सूची से नीचे आ गया।"

विरोधियों की नज़र में यह स्वायत्तता पर एक समझौता था: एक-दूसरे को सिर्फ़ "महोदय" कहकर "चीन गणराज्य के राष्ट्रपति" की पदवी से बचना मानो चुपचाप ख़ुद को छोटा मान लेना था, और "दोनों किनारों की जनता एक ही चीनी राष्ट्र से है, सब यान-हुआंग की संतान हैं" वाला बयान शी जिनपिंग के "एक चीन" वाले बयान की ही गूँज था। 2019 के हांगकांग प्रत्यर्पण-विरोधी आंदोलन के बाद "दोनों किनारों का आर्थिक एकीकरण शायद हांगकांग-प्रयोग की तरह हो" वाला यह नज़रिया और लोगों को 7 नवंबर 2015 की इस तस्वीर को नए सिरे से पढ़ने पर मजबूर करने लगा।

20 मई 2016 को मा यिंग-जो ने पद छोड़ा और सत्ता त्साई इंग-वेन को सौंप दी। पद छोड़ते ही आपराधिक मामलों से मिली छूट ख़त्म हो गई, और ताइपे ज़िला अभियोजक कार्यालय ने उसी दिन हुआंग शिह-मिंग गोपनीयता-लीक मामले समेत 24 आपराधिक मामलों की जाँच फिर शुरू कर दी35।

27 जुलाई 2018 को ताइपे के एंबेसडर होटल में "मा यिंग-जो फ़ाउंडेशन" की स्थापना हुई। श्याओ वान-चांग, लियन चान जैसे पूर्व कुओमिन्तांग अध्यक्ष इसमें शामिल हुए। फ़ाउंडेशन ने "बड़ा-नौ अकादमी" (大九學堂) नाम का युवा शिविर और दोनों किनारों के युवाओं के बीच आदान-प्रदान को आगे बढ़ाया।

27 मार्च से 7 अप्रैल 2023 तक मा यिंग-जो ने पहली बार 12 दिन के लिए चीन की यात्रा की — 1949 के बाद चीन जाने वाले वे पहले पूर्व-राष्ट्रपति थे। 28 मार्च को उन्होंने नानजिंग के सुन यात-सेन मक़बरे में आठ अक्षर लिखे: "शांति से जुटो, चीन का पुनरुत्थान करो"36। चीनी पक्ष द्वारा तैयार पुष्प-चक्र पर उन्हें "चीनी कुओमिन्तांग के पूर्व अध्यक्ष" कहा गया था; मा यिंग-जो ख़ुद को "पूर्व राष्ट्रपति" कहते रहे। पूरी यात्रा में उन्होंने कई बार "दोनों किनारे एक ही चीनी राष्ट्र से हैं" दोहराया।

1 से 11 अप्रैल 2024 तक मा यिंग-जो ने दूसरी बार चीन की यात्रा की। 4 अप्रैल को शानशी प्रांत के हुआंगलिंग काउंटी में उन्होंने ख़ुद मौजूद रहकर हुआंगडी (पीत सम्राट) के मक़बरे पर पूजा-अर्चना की (यह उनकी पहली बार शारीरिक उपस्थिति थी; इससे पहले वे ताइपे से छह बार दूर से यह अनुष्ठान कर चुके थे), और चीनी प्रतिनिधि सोंग ताओ (宋濤) के साथ मंच पर फूल चढ़ाए। श्रद्धांजलि-पाठ पढ़ते समय उनका गला दो बार भर आया37।

10 अप्रैल की दोपहर 4 बजे, बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ़ द पीपल के पूर्वी हॉल में दूसरी मा-शी मुलाक़ात हुई। बातचीत क़रीब 1 घंटे चली। मा यिंग-जो अपने भाषण में "चीनी राष्ट्र" कहने की जगह ग़लती से "चीन गणराज्य" कह गए, और फ़ौरन सुधार लिया। उन्होंने लू शुन (魯迅) की मशहूर पंक्ति उद्धृत की: "इतने तूफ़ान झेलने के बाद भी भाई साथ हैं, मिलते ही मुस्कुराहट में सारी रंजिश मिट जाती है।" बैठक के बाद वांग हुनिंग (王滬寧) ने डियाओयूताई स्टेट गेस्टहाउस में विदाई-भोज दिया, और शी जिनपिंग ने मा यिंग-जो से कहा: "आगे भी अक्सर आते रहिए"38।

सिंगापुर के शांगरी-ला वाला वह हाथ-मिलाना 1 मिनट 20 सेकंड का था39। बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ़ द पीपल वाला यह हाथ-मिलाना सिर्फ़ 16 सेकंड का रहा38।

इस यात्रा और पद छोड़ने के बाद के पूरे रुख़ को लेकर ताइवानी समाज में मतभेद अब भी बना हुआ है:

⚠️ विवादित दृष्टिकोण

"संचार-चैनल" पक्ष: दोनों किनारों के बीच सरकारी संचार 2016 में त्साई इंग-वेन के पदभार संभालने के बाद से ठप है। मा यिंग-जो फ़ाउंडेशन का "बड़ा-नौ अकादमी" कार्यक्रम और युवा आदान-प्रदान, नागरिक स्तर पर बचे-खुचे पुलों में से एक है। 2024 की दूसरी मा-शी मुलाक़ात का समय लाई चिंग-ते के शपथ-ग्रहण के आस-पास (10 अप्रैल, और लाई की शपथ 20 मई) चुना गया, ताकि बीजिंग को एक "खिड़की" मिल सके — यह समर्थकों की दलील है।

"ताइवान बेचने वाला" पक्ष: डीपीपी का कहना है कि मा यिंग-जो के बयान "चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सुर से मेल खाते हैं" और यह "पूरी लोकतांत्रिक ताइवानी जनता के साथ खुला विश्वासघात है"40। 2023 में जब वे पहली बार चीन गए थे, तब ताइवान नेशन मूवमेंट के चेन जुन-हान (陳峻涵) ने दल लेकर ताओयुआन हवाई-अड्डे पर धरना दिया था।

21 मई 2026 को मा यिंग-जो की पत्नी चाउ मेई-चिंग (周美青) और बड़ी बहन मा यी-नान (馬以南) ने एक के बाद एक बयान जारी किए, जिनमें उम्मीद जताई गई कि मा यिंग-जो सचमुच रिटायर हो जाएँ और फ़ाउंडेशन का काम बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स को सौंप दें; मा यी-नान ने वक़ील के ज़रिए अदालत में "सहायक-घोषणा" (輔助宣告) की अर्ज़ी दाख़िल की (यह "अभिभावक-घोषणा" नहीं है, दोनों के क़ानूनी नतीजे अलग-अलग हैं)41।

अगले दिन, 22 मई को मा यिंग-जो ने ख़ुद वीडियो बनाकर जवाब दिया, हाथ से लिखे काग़ज़ पर अपने दस्तख़त के साथ। उन्होंने वह काग़ज़ कैमरे के सामने उठाकर कहा: "वकील साहब, क्या इससे साबित हो जाता है कि मुझे डिमेंशिया नहीं है?" बड़ी बहन के बारे में उन्होंने कहा: "हम बड़ी बहन से काफ़ी दूर रहते हैं — हम वेनशान ज़िले में रहते हैं, वे नेइहू ज़िले में; हम महीने में मुश्किल से एक बार मिलते हैं, इतनी नज़दीकी नहीं है जितनी समझी जा रही है।" फ़ाउंडेशन के बारे में उन्होंने कहा: "ये भ्रष्टाचारी इस बहाने का इस्तेमाल करके यह कहने की कोशिश बिल्कुल न करें कि मुझे डिमेंशिया है और फिर कुछ ऐसा कर डालें जो नहीं करना चाहिए।"

इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की पृष्ठभूमि यह है कि मा यिंग-जो फ़ाउंडेशन के "वित्तीय-अनुशासन मामले" की 3-सदस्यीय जाँच-समिति (प्रवक्ता ली दे-वे) कार्यकारी निदेशक श्याओ शू-त्सेन (蕭旭岑) और पूर्व कार्यकारी निदेशक वांग गुआंग-त्सी (王光慈) की जाँच कर रही है। परिवार के बयान पर ली दे-वे की प्रतिक्रिया थी: "इस मामले पर 3-सदस्यीय समिति की जाँच नहीं रुकेगी, जारी रहेगी... मा यिंग-जो के परिवार का सामने आकर बयान देना ख़ुद यह दिखाता है कि मा यिंग-जो के स्वास्थ्य को लेकर सचमुच शंका है।"

यह ख़बर अभी ख़त्म नहीं हुई है, और ताइवानी समाज में भी अभी तक कोई सहमति नहीं बनी है।

वे 80 सेकंड और 16 सेकंड, और वह 1981 में ताइपे लौटा युवा

10 अप्रैल 2024 को बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ़ द पीपल के पूर्वी हॉल में उनसे "चीनी राष्ट्र" की जगह ग़लती से "चीन गणराज्य" निकल गया, जिसे उन्होंने फ़ौरन सुधार लिया। सोलह साल पहले उन्होंने अपने बारहवें राष्ट्रपति-पद के शपथ-ग्रहण भाषण में लिखा था: "यिंग-जो को पूरा भरोसा है कि दोनों किनारों की समस्या के अंतिम समाधान की कुंजी संप्रभुता के विवाद में नहीं, बल्कि जीवन-शैली और मूल मूल्यों में है।"

22 मई 2026 को उन्होंने वीडियो में हाथ उठाकर कैमरे से कहा: "वकील साहब, क्या इससे साबित हो जाता है कि मुझे डिमेंशिया नहीं है?" वह 1981 में हार्वर्ड से समुद्री-क़ानून में SJD डिग्री लेकर ताइपे लौटा, छ्येन फू की सिफ़ारिश पर राष्ट्रपति भवन में अंग्रेज़ी अनुवादक बना, 31 साल का युवा — उस कैमरे से अब पैंतालीस साल दूर है।

सिंगापुर के शांगरी-ला वाला वह 80-सेकंड का हाथ-मिलाना दरअसल 1 मिनट 20 सेकंड का था। बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ़ द पीपल वाला हाथ-मिलाना सिर्फ़ 16 सेकंड का। एक ही व्यक्ति, दो ऐतिहासिक पल — ताइवानी समाज आज भी उसे अलग-अलग तरीक़ों से याद करता है।

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आगे पढ़ें:

  • सनफ्लावर आंदोलन — 18 मार्च से 10 अप्रैल 2014 तक चला सदन पर क़ब्ज़ा, कैसे सेवा-व्यापार-विरोधी आंदोलन से ताइवान के नागरिक समाज का "वयस्क होने" का पड़ाव बन गया
  • त्साई इंग-वेन — उत्तराधिकारी राष्ट्रपति, 2010 के ECFA बहस में प्रतिद्वंद्वी, सनफ्लावर के बाद विपक्षी ख़ेमे को एकजुट करने वाली नेता
  • चेन शुई-बियान — 1998 के ताइपे मेयर चुनाव में प्रतिद्वंद्वी, 2000 में सत्ता-परिवर्तन के नेता
  • मा यिंग-जो के मीम्स — एंटलर वेलवेट, बेंतो, प्रोवेंस स्थायी घर, डेथ ग्रिप — 19 इंटरनेट मीम्स कैसे उनकी सार्वजनिक छवि का एक और चेहरा बन गए
  • ताइवान जलडमरूमध्य संकट और दोनों किनारों के संबंधों का विकास — मा-शी मुलाक़ात और ECFA का ताइवान जलडमरूमध्य संबंधों के लंबे चाप में स्थान

छवि स्रोत

इस लेख में 3 सार्वजनिक-लाइसेंस वाली तस्वीरें इस्तेमाल की गई हैं, जो सभी स्रोत सर्वर पर हॉटलिंकिंग से बचने के लिए public/article-images/people/ में कैश की गई हैं:


संदर्भ

  1. Yahoo:歷史回顧—2015 年馬習會 世紀之握 長達 80 秒 — 1 मिनट 20 सेकंड के हाथ-मिलाने का ब्यौरा, दोनों पक्षों का एक-दूसरे को "महोदय" कहना, सिंगापुर शांगरी-ला का दृश्य। साथ में ETtoday मा यिंग-जो के भाषण का पूरा पाठ से दृश्य का समय पुष्ट किया गया।↩
  2. 中央社:馬英九憶蔣經國 出身威權終結威權 — 22/1/2022 को मा यिंग-जो द्वारा चियांग चिंग-कुओ के अंग्रेज़ी सचिव रहने और मार्शल-लॉ हटाने की घोषणा का शब्दशः अनुवाद करने के अनुभव को याद करना।↩
  3. 維基百科:馬英九 — पूरा जीवन-वृत्त, शैक्षणिक योग्यता (1977 NYU LL.M., 1981 Harvard SJD), "1981 में, छ्येन फू की सिफ़ारिश पर, ताइवान लौटकर तत्कालीन राष्ट्रपति चियांग चिंग-कुओ के अंग्रेज़ी अनुवादक बने"।↩23
  4. 維基百科:馬鶴凌 — मा यिंग-जो के पिता का जीवन-वृत्त, सबसे बड़ा सरकारी पद कार्यपालक युआन युवा-मार्गदर्शन समिति निदेशक + कुओमिन्तांग केंद्रीय अनुशासन-समिति उप-मुख्य-आयुक्त + केंद्रीय मूल्यांकन-सदस्य, अस्थि-कलश पर खुदे "स्वतंत्रता को धीरे-धीरे एकीकरण में बदलो, चीन को पूरी तरह पुनर्जीवित करो" का उल्लेख।↩
  5. 政府官職資料庫:馬英九政務官資歷 — आधिकारिक नियुक्ति-रिकॉर्ड: गणतंत्र वर्ष 70 (1981) 21 दिसंबर को राष्ट्रपति भवन उप-निदेशक, 77 वर्ष (1988) 20 जुलाई को कार्यपालक युआन अनुसंधान-विकास-मूल्यांकन समिति अध्यक्ष के रूप में विशेष नियुक्ति, 80 वर्ष (1991) 30 मई को कार्यपालक युआन मुख्यभूमि मामला परिषद उप-अध्यक्ष के रूप में विशेष नियुक्ति।↩2
  6. 維基百科:馬英九 §法務部長任期 — 27 फ़रवरी 1993 से 9 जून 1996 तक न्याय मंत्री रहे, कार्यकाल में सफ़ाई अभियान और काले-धन की सफ़ाई को आगे बढ़ाया।↩
  7. 中時:「不沾鍋」綽號的演變 — "'नॉन-स्टिक पैन' — यह तीन अक्षर मा यिंग-जो के साथ परछाईं की तरह चिपके रहे। मा यिंग-जो ख़ुद के मुताबिक़, जो भी बुरा, ग़ैर-क़ानूनी या व्यवस्था के ख़िलाफ़ 'गंदा बर्तन' हो, वे उससे बिल्कुल नहीं सनते।"↩
  8. 維基百科:1998 年中華民國直轄市市長暨市議員選舉 — मा यिंग-जो 51.13% वोट (766,377 वोट), चेन शुई-बियान 45.91%, वांग चिएन-श्युएन (王建煊) 2.97%; मा की जीत सिर्फ़ 78,305 वोट / 5.22 प्रतिशत अंक से हुई। "वांग को छोड़ो, मा को बचाओ" की चुनावी पृष्ठभूमि के लिए यह भी देखें: 遠見 (Global Views Monthly)।↩
  9. 維基百科:馬英九 §2002 連任北市長 — 2002 में ताइपे मेयर पद पर दोबारा जीत का वोट-प्रतिशत 64.11%, जो आज तक ताइपे मेयर चुनाव का सबसे ऊँचा रिकॉर्ड है।↩
  10. 維基百科:馬英九 §國民黨主席 — जुलाई 2005 में 72.36% वोट से वांग जिन-पिंग को हराकर कुओमिन्तांग अध्यक्ष चुने गए, औपचारिक रूप से लियन चान के दौर की जगह ली।↩
  11. 維基百科:台北市長馬英九特別費案 — 13/2/2007 को उसी दिन मुक़दमा और 2008 राष्ट्रपति-चुनाव लड़ने की घोषणा; "बड़ा जलाशय सिद्धांत" वाली दलील को अदालत ने माना; 14/8 को ज़िला अदालत की पहली सुनवाई में निर्दोष, 28/12 को हाई कोर्ट की दूसरी सुनवाई में भी निर्दोष बरक़रार।↩
  12. 遠見:三中案二審判決出爐 — 31 दिसंबर 2025 को ताइवान हाई कोर्ट का तीन-चुंग मामले की दूसरी सुनवाई का फ़ैसला: मा यिंग-जो, चांग जे-चेन, वांग हाई-चिंग निर्दोष; त्साई चेंग-युआन को धोखाधड़ी के अपराध में 3 साल 6 महीने की सज़ा; हाई प्रॉसीक्यूटर्स ऑफ़िस अपील पर विचार कर रहा है। मा यिंग-जो के लिए यह मुक़दमा चलने के बाद निर्दोष क़रार दिए जाने का तीसरा मामला है।↩
  13. 聯合報:台灣向前行—長住計畫 競選策略起源 — 11 जुलाई 2007 को मा यिंग-जो ने "ताइवान आगे बढ़ो — दीर्घ-प्रवास योजना" शुरू की, पहला पड़ाव मध्य ताइवान में, 18 दिन का दीर्घ-प्रवास (Long Stay) कार्यक्रम।↩
  14. 維基新聞:2008 中華民國總統大選 馬英九壓倒性獲勝 — 22/3/2008 के बड़े चुनाव में मा यिंग-जो / श्याओ वान-चांग ने 7,659,014 वोट (58.45%) पाकर शिए चांग-टिंग / सु त्सेंग-चांग के 5,444,949 वोट (41.55%) को हराया।↩
  15. 總統府:中華民國第 12 任總統馬英九先生就職演說 — 20/5/2008 के शपथ-ग्रहण भाषण का पूरा शब्दशः पाठ, जिसमें "न एकीकरण, न स्वतंत्रता, न बल-प्रयोग" और "दोनों किनारों की समस्या के अंतिम समाधान की कुंजी संप्रभुता के विवाद में नहीं, बल्कि जीवन-शैली और मूल मूल्यों में है" वाला मूल वाक्य शामिल है।↩
  16. 維基百科:633 政見 — 2008 के चुनाव-प्रचार का नीति-लक्ष्य (GDP 6% / बेरोज़गारी दर 3% / प्रति-व्यक्ति आय US$30,000); 3/9/2008 को मा यिंग-जो ने मेक्सिको के मीडिया को दिए इंटरव्यू में स्वीकार किया कि वित्तीय सुनामी के कारण यह पूरा नहीं हो पाएगा।↩
  17. 維基百科:大專畢業生至企業職場實習方案 — 2009/4 से 2011/9 तक दो चरणों में लागू; सरकार हर महीने NT$22,000 मूल वेतन + NT$4,190 श्रम-स्वास्थ्य बीमा सब्सिडी देती थी; 20-24 साल के कर्मचारियों की मासिक आय 2008 के NT$23,351 से घटकर 2009 में NT$21,685 (7% गिरावट); 2013/6/3 को यह विधान औपचारिक रूप से निरस्त हुआ।↩
  18. 國家政策研究基金會:22K 政策回顧與爭議 — श्युएह छंग-थाई (薛承泰), 14/12/2011, «22K योजना क्या है?»: "सरकार हर स्नातक को हर महीने NT$22,000 वेतन के साथ श्रम-स्वास्थ्य बीमा भी देती है (आम बोलचाल में 22k)" "क्योंकि वित्तीय सुनामी के दौरान वेतन-स्तर का गिरना वैसे भी एक आम हक़ीक़त थी।"↩
  19. 維基百科:八八水災 — 2009/8/6-10 मोराकोट तूफ़ान से 681 मौतें, 18 लापता; श्याओलिन गाँव पूरी तरह तबाह, 474 लोग ज़िंदा दफ़न; उसी साल सितंबर की शुरुआत में लियू चाओ-श्युएन कैबिनेट का सामूहिक इस्तीफ़ा। साथ में 遠見:मोराकोट राहत-कार्य पर पुनर्विचार।↩
  20. 維基百科:海峽兩岸經濟合作架構協議(ECFA) — 2010/6/29 को चियांग बिंग-कुन और चेन युन-लिन ने चोंगछिंग में ECFA पर हस्ताक्षर किए; अर्ली हार्वेस्ट सूची में मुख्यभूमि की तरफ़ से ताइवान के 539 उत्पाद + ताइवान की तरफ़ से मुख्यभूमि के 18 कृषि-उत्पाद; 2013/1/1 से सभी उत्पादों पर टैरिफ़ शून्य।↩2
  21. 維基百科:兩岸經濟協議電視辯論 — 2010/4/25 को मा यिंग-जो और डीपीपी अध्यक्ष त्साई इंग-वेन के बीच ECFA पर टेलीविज़न बहस हुई — चीन गणराज्य के किसी राष्ट्रपति द्वारा विपक्षी दल अध्यक्ष के साथ की गई पहली नीतिगत बहस।↩
  22. 維基百科:2012 年中華民國總統選舉 — 2012/1/14 के बड़े चुनाव में मा यिंग-जो / वू डन-यी ने 6,891,139 वोट (51.60%) पाकर त्साई इंग-वेन / सु चिया-चुआन के 6,093,578 वोट (45.6%) और सुंग छू-यू (宋楚瑜) / लिन ज्वे-श्युंग (林瑞雄) के 369,588 वोट (2.77%) को हराया।↩
  23. 維基百科:519 嗆馬踹共大遊行 — 2012 में तेल-बिजली दोनों की क़ीमत बढ़ने के बाद जनता में नाराज़गी: तेल की क़ीमत 10.7% बढ़ी, बिजली की क़ीमत 29.5% बढ़ी; 519 की बड़ी रैली में पुलिस के अनुमान से 55 हज़ार लोग शामिल; 4/27 को ताइवान थिंक-टैंक के सर्वे में 44.1% लोगों ने माना कि "ताइवान ने ग़लत राष्ट्रपति चुना"।↩
  24. ETtoday:馬英九 9/8 記者會原文 — 2013/9/8 की वांग जिन-पिंग मामले की प्रेस कॉन्फ़्रेंस का शब्दशः पाठ, जिसमें "अगर ताक़तवर लोग ही सिफ़ारिश करके न्याय-व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं, तो आम जनता न्याय-व्यवस्था से निष्पक्षता की उम्मीद कैसे रखे?" और "ताइवान के लोकतांत्रिक क़ानून-शासन के इतिहास का सबसे शर्मनाक दिन" वाले मूल वाक्य शामिल हैं।↩
  25. 自由時報:馬英九民調 9.2% 創紀錄 — 2013/9/15 को एरा न्यूज़ के सर्वे में मा यिंग-जो के शासन से संतुष्टि 9.2%, असंतुष्टि 80.5% दर्ज; उसी दौर के TVBS सर्वे में यह 11% था। कई मीडिया संस्थान अक्सर इस 9.2% को ग़लती से TVBS सर्वे के नाम कर देते हैं। TVBS का 11% देखें ETtoday।↩
  26. 維基百科:太陽花學運 — 2014/3/17 को कुओमिन्तांग विधायक चांग चिंग-चुंग ने 30 सेकंड में सेवा-व्यापार समझौते की समिति-समीक्षा पूरी होने की घोषणा की; 3/18 रात 9:20 बजे छात्र विधायी युआन के सदन में घुसे; 3/30 केताग्लान बुलेवार्ड रैली (आयोजक अनुमान 5 लाख / पुलिस अनुमान 1.16 लाख); 4/10 छात्र बाहर निकले। साथ में 中央社:सनफ्लावर की दसवीं वर्षगाँठ पर फिर उस जगह。↩
  27. 維基百科:323 佔領行政院事件 — 2014/3/23 रात 7:35 बजे छात्रों ने कार्यपालक युआन पर क़ब्ज़ा किया; 3/24 तड़के पुलिस की छह चरणों की कार्रवाई में 150+ लोग घायल; 2023 में नियंत्रण युआन की जाँच-रिपोर्ट में माना गया कि "पुलिस एजेंसियों ने आनुपातिकता का सिद्धांत लाँघकर हिंसक तरीक़े से हटाने की कार्रवाई की" और कार्यपालक युआन / गृह मंत्रालय / पुलिस प्रशासन / ताइपे नगर पुलिस / ताइपे ज़िला अभियोजक कार्यालय को फटकार लगाई गई। साथ में 報導者:सनफ्लावर की भीड़ का लंबा घाव।↩
  28. 華人今日網:驅離太陽花學運從不後悔 江宜樺:知識分子要堅持做對的事 — 2020/9/3 को चियांग यी-हुआ का शब्दशः मूल वाक्य "मुझे इसका पछतावा तो बिल्कुल नहीं, बल्कि मुझे लगता है कि इससे ज़्यादा सही फ़ैसला मैंने ज़िंदगी में कभी नहीं लिया।" साथ में Newtalk: हत्या के प्रयास के आरोप को "तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश की गई, बिना आधार की बदनीयत भरी बदनामी और झूठा मुक़दमा" बताया गया।↩
  29. 中央社:林飛帆談太陽花十週年 — लिन फेई-फान का सनफ्लावर की उपलब्धियों पर मूल कथन: "(सनफ्लावर ने सबको बताया) ताइवान की तक़दीर हम ख़ुद तय करते हैं। सेवा-व्यापार रोकने की वजह से मा सरकार माल-व्यापार समझौता नहीं कर पाई, सैन्य-विश्वास-निर्माण तंत्र नहीं बना पाई, दूसरे किनारे से राजनीतिक बातचीत नहीं कर पाई — यही हमारी उपलब्धियाँ हैं, यही हमारा बनाया नतीजा है।" साथ में 天下雜誌(कॉमनवेल्थ मैगज़ीन)।↩
  30. RFA:馬英九:「太陽花運動」讓台灣停滯不前 — 2018/12/17 की रिपोर्ट: मा यिंग-जो की 12/20 प्रकाशित किताब «आठ साल के शासन की यादें» की भूमिका में «वे लोग, जिन्होंने ताइवान को ठहरा दिया, गुनहगार हैं!»; भूमिका में सनफ्लावर द्वारा सेवा-व्यापार को "आज तक ठंडे बस्ते में डालने" को "ताइवान के आर्थिक विकास की बड़ी तस्वीर को नुक़सान पहुँचाने वाला, देश को गहरी हानि, बेहद हानिकारक, उनके सबसे बड़े दुख और अफ़सोस की बात" बताया गया है।↩
  31. ETtoday:馬英九「鹿茸是鹿耳朵裡面的毛」失言 — 14/3/2014 को लायंस क्लब के पदाधिकारियों से मिलते हुए मा यिंग-जो ने एंटलर वेलवेट को "हिरण के कान के भीतर के बाल" बता दिया, जिससे पूरे देश में हँसी उड़ी।↩
  32. Yahoo:2014 九合一選舉結果 — 29/11/2014 के नौ-संयुक्त चुनाव में कुओमिन्तांग की बड़ी हार, पान-ग्रीन ने 14 काउंटी-शहर जीते, पान-ब्लू ने 8; ताइपे शहर में को वेन-जे ने 853,983 वोट (57.16%) पाकर लियन शेंग-वेन के 609,932 वोट (40.82%) को हराया; 12/3 को मा यिंग-जो ने कुओमिन्तांग अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दिया।↩
  33. ETtoday:馬英九馬習會致詞全文 — 2015/11/7 को मा यिंग-जो के पाँच-सूत्री प्रस्ताव का शब्दशः पाठ: 92 सहमति को मज़बूत करना, दुश्मनी की स्थिति घटाना, दोनों किनारों का आदान-प्रदान बढ़ाना, दोनों किनारों के बीच हॉटलाइन बनाना, दोनों किनारों का साझा सहयोग; "दोनों किनारों की जनता एक ही चीनी राष्ट्र से है, सब यान-हुआंग की संतान हैं" वाला मूल पाठ। साथ में 大紀元(एपोक टाइम्स) + मुख्यभूमि मामला परिषद।↩
  34. Britannica:Taiwan—The Ma Ying-jeou presidency — अंग्रेज़ी विश्वकोश में मा यिंग-जो के दौर पर यह टिप्पणी: "The U.S. government was indeed very pleased with Ma as president, principally because he reduced tensions in the Taiwan Strait by pursuing cordial relations with Beijing rather than provoking its leaders. In the process, the Taiwan Strait was downgraded from its former status as the foremost flash point in the world"↩
  35. TVBS:馬英九卸任後失豁免權 24 案重啟調查 — 2016/5/20 को पद छोड़ने के बाद ताइपे ज़िला अभियोजक कार्यालय ने उसी दिन हुआंग शिह-मिंग गोपनीयता-लीक मामले समेत 24 आपराधिक मामलों की जाँच फिर शुरू की।↩
  36. 鏡傳媒:馬英九南京中山陵題字 — 2023/3/28 को मा यिंग-जो ने नानजिंग के सुन यात-सेन मक़बरे में आठ अक्षर लिखे "शांति से जुटो, चीन का पुनरुत्थान करो"; चीनी पक्ष द्वारा तैयार पुष्प-चक्र पर "चीनी कुओमिन्तांग के पूर्व अध्यक्ष" लिखा था, मा ख़ुद को "पूर्व राष्ट्रपति" कहते रहे। साथ में 蘋果新聞(एपल डेली)।↩
  37. 維基百科:馬英九二訪中國大陸 — 2024/4/1-11 दूसरी चीन-यात्रा; 4/4 को शानशी के हुआंगलिंग काउंटी में हुआंगडी के मक़बरे पर ख़ुद मौजूद रहकर पूजा (पहली बार शारीरिक उपस्थिति, इससे पहले ताइपे से छह बार दूर से अनुष्ठान), सोंग ताओ के साथ मंच पर फूल चढ़ाए, श्रद्धांजलि-पाठ पढ़ते समय दो बार गला भर आया। साथ में 中央社。↩
  38. 中央社:馬習二會北京登場 — 2024/4/10 दोपहर 4 बजे बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ़ द पीपल के पूर्वी हॉल में दूसरी मा-शी मुलाक़ात, बातचीत क़रीब 1 घंटे चली; मा यिंग-जो अपने भाषण में "चीनी राष्ट्र" कहने की जगह ग़लती से "चीन गणराज्य" कह गए, फ़ौरन सुधार लिया; लू शुन की पंक्ति "इतने तूफ़ान झेलने के बाद भी भाई साथ हैं, मिलते ही मुस्कुराहट में सारी रंजिश मिट जाती है" उद्धृत की; बैठक के बाद वांग हुनिंग ने डियाओयूताई स्टेट गेस्टहाउस में विदाई-भोज दिया, शी जिनपिंग ने मा से कहा "आगे भी अक्सर आते रहिए"। साथ में 遠見(दोपहर 4 बजे)+ 維基百科:馬英九二訪中國大陸(बातचीत क़रीब 1 घंटे, डियाओयूताई स्टेट गेस्टहाउस विदाई-भोज, "आगे भी अक्सर आते रहिए")。↩2
  39. 維基百科:兩岸領導人會面 — दोनों किनारों के नेताओं की मुलाक़ातों का ऐतिहासिक तुलनात्मक विवरण, जिसमें 2015/11/7 की मा-शी मुलाक़ात का सार्वजनिक हाथ-मिलाना 1 मिनट 20 सेकंड (80 सेकंड) शामिल है।↩
  40. 中央社:民進黨:馬英九與中共論調一致 背棄台灣人民 — 2024/10/15 को डीपीपी का बयान: मा यिंग-जो "चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के सुर से मेल खाते हैं", "पूरी लोकतांत्रिक ताइवानी जनता के साथ खुला विश्वासघात है"।↩
  41. 公視新聞網:親屬盼退休、聲請輔助宣告 馬英九拍片反駁未失智 — 2026/5/21 को चाउ मेई-चिंग और मा यी-नान ने एक के बाद एक बयान जारी किए, "उम्मीद है मा यिंग-जो सचमुच रिटायर हों / फ़ाउंडेशन का काम बोर्ड को सौंपें"; मा यी-नान ने वक़ील के ज़रिए सहायक-घोषणा की अर्ज़ी दाख़िल की (अभिभावक-घोषणा नहीं); 2026/5/22 को मा यिंग-जो ने ख़ुद वीडियो से जवाब दिया, मूल कथन तीन पंक्तियाँ: "वकील साहब, क्या इससे साबित हो जाता है कि मुझे डिमेंशिया नहीं है?" "बड़ी बहन से और भी दूर रहते हैं... महीने में मुश्किल से एक बार मिलते हैं" "ये भ्रष्टाचारी इस बहाने का इस्तेमाल करके यह कहने की कोशिश न करें कि मुझे डिमेंशिया है"; पृष्ठभूमि में मा यिंग-जो फ़ाउंडेशन के "वित्तीय-अनुशासन मामले" की 3-सदस्यीय जाँच-समिति (प्रवक्ता ली दे-वे) कार्यकारी निदेशक श्याओ शू-त्सेन और पूर्व कार्यकारी निदेशक वांग गुआंग-त्सी की जाँच कर रही है।↩
इस लेख के बारे में यह लेख समुदाय के सहयोग तथा AI की सहायता से लिखा और समीक्षित किया गया है।
मुख्य शब्द
राष्ट्रपति कुओमिन्तांग दोनों किनारों के संबंध ECFA सनफ्लावर आंदोलन मा-शी मुलाकात ताइपे मेयर
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