मार्शल लॉ का दौर

19 मई 1949 को चेन चेंग ने ताइवान प्रांत में मार्शल लॉ लागू करने का आदेश जारी किया। 38 वर्ष बाद, 15 जुलाई 1987 को चियांग चिंग-कुओ ने मार्शल लॉ हटाने की घोषणा की। किनमेन और मात्सू क्षेत्रों में यह 1992 तक लागू रहा। इन पाँच वर्षों में वहाँ के लोगों ने क्या झेला?

30 सेकंड में सारांश: 19 मई 1949 को ताइवान प्रांतीय सरकार के अध्यक्ष और ताइवान गैरीसन कमान के कमांडर-इन-चीफ चेन चेंग ने ‘ताइवान प्रांत मार्शल लॉ आदेश’ जारी किया, जो 20 मई की मध्यरात्रि से प्रभावी हुआ। इस निर्णय के साथ ताइवान 38 वर्ष और 56 दिन तक मार्शल लॉ के अधीन रहा। अंततः 15 जुलाई 1987 को चियांग चिंग-कुओ ने इसे हटाने की घोषणा की। किनमेन और मात्सू क्षेत्रों में मार्शल लॉ 1992 तक जारी रहा—ताइवान के मुख्य द्वीप से पाँच वर्ष अधिक।

📝 क्यूरेटर की टिप्पणी
अनेक परिवारों के लिए मार्शल लॉ का दौर कभी अतीत नहीं हुआ—1,40,000 पीड़ितों के परिवारों की कहानियाँ आज भी जीवित हैं और अब तक पूरी तरह सामने नहीं आई हैं।

लेई चेन के कारावास के ग्यारह वर्ष

4 सितंबर 1960 को ताइवान गैरीसन कमान ने लेई चेन को ‘कम्युनिस्ट जासूसों को शरण देने’ और ‘कम्युनिस्ट जासूसों की जानकारी छिपाने’ के आरोपों में गिरफ़्तार किया1। कुओमिन्तांग से प्रतिस्पर्धा के लिए ‘चीन डेमोक्रेटिक पार्टी’ गठित करने की तैयारी कर रहे इस राजनीतिक विद्वान ने इसके बाद 11 वर्ष जेल में बिताए और 1970 में रिहा हुए। इन पूरे 11 वर्षों के दौरान ताइवान में मार्शल लॉ लागू था।

‘30 वर्ष पहले का एक केवल-पाठ वाला BBS आज भी ताइवान की राजनीति को प्रभावित कर रहा है।’ आधुनिक ताइवान के राजनीतिक विकास को समझने के लिए मार्शल लॉ का दौर अत्यंत महत्त्वपूर्ण है, लेकिन बहुत कम लोग पूछते हैं: मार्शल लॉ 38 वर्ष तक कैसे जारी रह सका?

38 वर्षों का मार्शल लॉ

1949 में कुओमिन्तांग और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के बीच गृहयुद्ध अपने अंतिम चरण में पहुँच चुका था। लियाओशेन, हुआइहाई और पिंगजिन के तीन प्रमुख अभियानों में कुओमिन्तांग को लगातार पराजय मिली और उसके श्रेष्ठ सैन्य बलों को भारी क्षति पहुँची2। मुख्यभूमि चीन में बिगड़ती सैन्य स्थिति के बीच चियांग काई-शेक ने ‘ताइवान की रक्षा’ की रणनीति पर विचार करना शुरू किया।

19 मई को ताइवान प्रांतीय सरकार के अध्यक्ष और ताइवान गैरीसन कमान के कमांडर-इन-चीफ चेन चेंग ने ‘ताइवान प्रांत मार्शल लॉ आदेश’ जारी किया। 20 मई की मध्यरात्रि से मार्शल लॉ औपचारिक रूप से प्रभावी हो गया।

इस निर्णय ने ताइवान को विश्व इतिहास के सबसे लंबे मार्शल लॉ कालखंडों में से एक में पहुँचा दिया। यह 38 वर्ष और 56 दिन तक जारी रहा तथा 15 जुलाई 1987 को चियांग चिंग-कुओ की घोषणा के साथ समाप्त हुआ।

मार्शल लॉ का विधिक आधार: ‘मार्शल लॉ अधिनियम’ के अनुसार, ‘मार्शल लॉ घोषित रहने की अवधि में संबंधित क्षेत्र के सर्वोच्च कमांडर के पास प्रशासनिक और न्यायिक मामलों का नियंत्रण होगा’3। ताइवान गैरीसन कमान इसके वास्तविक क्रियान्वयन की केंद्रीय संस्था बन गई और उसे व्यापक प्रशासनिक तथा न्यायिक शक्तियाँ प्राप्त थीं।

📝 क्यूरेटर की टिप्पणी
मार्शल लॉ के दौरान सरकार ने नियंत्रण से जुड़े 30 से अधिक क़ानून और आदेश जारी किए, जिन्होंने संविधान द्वारा नागरिकों को दिए गए स्वतंत्रता के अधिकारों को गंभीर रूप से सीमित कर दिया। सभा की स्वतंत्रता, संगठन बनाने की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, आवागमन की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता—लगभग सभी बुनियादी मानवाधिकार छीन लिए गए।

श्वेत आतंक का पैमाना

मार्शल लॉ के साथ गंभीर राजनीतिक उत्पीड़न का दौर चला, जिसे ‘श्वेत आतंक’ कहा जाता है। सरकार ने साम्यवाद-विरोध के नाम पर राजनीतिक असंतुष्टों को बड़े पैमाने पर गिरफ़्तार किया, उन पर मुक़दमे चलाए, उन्हें क़ैद किया या मृत्युदंड दिया।

न्याय मंत्रालय के आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, मार्शल लॉ के 38 वर्षों में सैन्य संस्थाओं ने ऐसे आपराधिक मामलों में कुल 29,407 फ़ैसले सुनाए जिनके अभियुक्त सक्रिय सैन्यकर्मी नहीं थे4। नागरिक संगठनों के आँकड़ों के अनुसार, राजनीतिक मामलों में लगभग 1,40,000 लोग प्रभावित हुए और मृत्युदंड दिए गए लोगों की अनुमानित संख्या लगभग 4,500 थी—यह ‘राजनीतिक मामलों से संबंधित मृत्युदंडों’ का अनुमानित अधिकतम आँकड़ा है।

ताइवान एसोसिएशन फॉर ट्रुथ एंड रिकंसिलिएशन ने ‘सैन्य न्यायालयों द्वारा सुनाए गए पुष्ट मृत्युदंडों’ के आधार पर अलग गणना की। उसके अनुसार, 2013 तक मार्शल लॉ काल के 1,061 मृत्युदंड प्राप्त व्यक्तियों की पुष्टि हुई थी5। दोनों आँकड़े साथ-साथ मौजूद हैं: 4,500 एक अनुमान है, जबकि 1,061 सत्यापित संख्या है। यह अंतर अधिनायकवादी दौर के अभिलेखों की अपूर्णता को दर्शाता है।

📊 आँकड़ों के स्रोत
न्याय मंत्रालय के अनुसार, मार्शल लॉ के दौरान सैन्य अदालतों में कुल 29,407 मामलों की सुनवाई हुई। नागरिक संगठनों के आँकड़ों में लगभग 1,40,000 पीड़ित और 1,061 से 4,500 मृत्युदंड दर्ज हैं।

चर्चित राजनीतिक मामले

लेई चेन प्रकरण, काऊशुंग घटना, लिन परिवार हत्याकांड, चेन वेन-चेन प्रकरण और हेनरी लियू हत्याकांड—ये पाँच मामले मार्शल लॉ के दौर के प्रतीक बन गए। लेई चेन ने 11 वर्ष और लिन यी-श्युंग ने 8 वर्ष जेल में बिताए, जबकि लियू यी-लियांग की सैन फ़्रांसिस्को में हत्या कर दी गई। हर मामले के पीछे अनगिनत परिवारों के बिखरने की कहानी थी।

⚠️ विवादित दृष्टिकोण
श्वेत आतंक के सटीक आँकड़े अलग-अलग स्रोतों में भिन्न हैं। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार लगभग 1,40,000 लोग प्रभावित हुए, जबकि नागरिक संगठनों का अनुमान है कि यह संख्या 2,00,000 तक हो सकती है।

सामूहिक दायित्व वाली ज़मानत व्यवस्था

जुलाई 1949 से ताइवान में सामूहिक दायित्व वाली व्यापक ज़मानत व्यवस्था लागू की गई6। सरकारी कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए किसी व्यक्ति का उनका ज़मानतदार होना आवश्यक था। यह व्यवस्था धीरे-धीरे समाज की विभिन्न संस्थाओं तक फैल गई और अधिकांश आबादी को अपने दायरे में लेने वाली राजनीतिक जाँच-व्यवस्था बन गई। इसके कारण हर व्यक्ति संभावित मुख़बिर बन सकता था। यदि आपके ज़मानतदार के साथ ‘कोई समस्या’ होती, तो आप भी उसकी चपेट में आते।

📝 क्यूरेटर की टिप्पणी
लेई चेन प्रकरण से हेनरी लियू हत्याकांड तक, हर मामले के पीछे अनगिनत परिवारों के बिखरने की कहानी थी। राजनीतिक उत्पीड़न की विनाशकारी शक्ति केवल गिरफ़्तारियों और मृत्युदंडों में नहीं थी; उसने पूरे समाज को लगातार भय में जीने के लिए भी विवश किया।

मार्शल लॉ हटाने की प्रक्रिया

14 जुलाई 1987 को राष्ट्रपति चियांग चिंग-कुओ ने राष्ट्रपति आदेश जारी कर घोषणा की कि ताइवान क्षेत्र में लागू मार्शल लॉ 15 जुलाई की मध्यरात्रि से हटा लिया जाएगा7। इसके साथ मार्शल लॉ से जुड़े 30 क़ानून और आदेश निरस्त किए गए, सैन्य अदालतों में मुक़दमों का सामना करने वाले 237 नागरिकों की सज़ाएँ घटाई गईं या उन्हें रिहा किया गया तथा राजनीतिक दलों और समाचार-पत्रों पर लगे प्रतिबंध हटाए गए।

मार्शल लॉ हटाने का निर्णय अचानक नहीं लिया गया था। इसके पीछे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारकों का संगम था—शीतयुद्ध की बदलती संरचना, लोकतांत्रिक आंदोलन का दबाव, आर्थिक विकास से मध्यवर्ग का विस्तार और राजनीतिक सुधार लागू करने का नेतृत्व का निर्णय।

मार्शल लॉ हटाए जाने का अर्थ इसके शाब्दिक दायरे से कहीं व्यापक था: यह ताइवान के अधिनायकवाद से लोकतंत्र की ओर बढ़ने का निर्णायक मोड़ था।

‘मार्शल लॉ का हटना एक द्वार था; वास्तविक लोकतंत्र की यात्रा उसी क्षण शुरू हुई।’

किनमेन और मात्सू के पाँच वर्ष

मार्शल लॉ हटने के बाद ताइवान का मुख्य द्वीप एक नए युग में प्रवेश कर गया। लेकिन किनमेन और मात्सू क्षेत्रों में इसे 7 नवंबर 1992 को ही हटाया गया8। इन पाँच वर्षों में किनमेन और मात्सू के लोगों ने क्या झेला?

मार्शल लॉ की अवधि: ताइवान के मुख्य द्वीप पर 38 वर्ष और 56 दिन; किनमेन और मात्सू क्षेत्रों में 43 वर्ष।

अंतिम राजनीतिक क़ैदी: दिसंबर 1984 में लिन शू-यांग और ली चिन-मू 34 वर्ष और 7 महीने जेल में बिताने के बाद रिहा हुए।

📝 क्यूरेटर की टिप्पणी
किनमेन और मात्सू में मार्शल लॉ ताइवान के मुख्य द्वीप से पाँच वर्ष बाद हटाया गया। इन पाँच वर्षों में वहाँ के लोगों ने क्या झेला? क्या उन्हें मालूम था कि ताइवान के मुख्य द्वीप पर मार्शल लॉ पहले ही हटाया जा चुका था?

मार्शल लॉ की विरासत

मार्शल लॉ के दौर की राजनीतिक विरासत आज भी ताइवान को प्रभावित कर रही है—अधिनायकवादी सोच, ध्रुवीकृत टकराव और पहचान से जुड़े जटिल प्रश्न। ये सभी उसी दौर की विरासत हैं।

संक्रमणकालीन न्याय की प्रक्रिया को जाँच से क़ानून बनाने तक पहुँचने में 30 वर्ष लगे। दिसंबर 2017 में विधायी युआन ने ‘संक्रमणकालीन न्याय संवर्धन अधिनियम’ पारित किया। मई 2018 में कार्यकारी युआन ने ‘संक्रमणकालीन न्याय आयोग’ की स्थापना की। मई 2022 में इस कार्य-विशिष्ट निकाय के भंग होने के बाद उसके कार्य राष्ट्रीय मानवाधिकार संग्रहालय, न्याय मंत्रालय और राष्ट्रीय विकास परिषद को सौंपे गए, जिन्होंने यह प्रक्रिया आगे बढ़ाई9। राष्ट्रीय मानवाधिकार संग्रहालय के जिंगमेई और हरा द्वीप परिसर क्रमशः जनता के लिए खोले गए। पीड़ितों को मुआवज़ा देने और अन्यायपूर्ण दमन से जुड़े ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण के लिए क़ानूनी प्रावधानों को लेकर विवाद 2026 तक भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुए थे।

मार्शल लॉ ने लोकतांत्रिक ताइवान को तीन दैनिक सहज प्रवृत्तियाँ दीं: बुनियादी मानवाधिकारों का सम्मान, क़ानून के अनुसार शासन पर आग्रह और सक्रिय नागरिक-सामाजिक भागीदारी।

📝 क्यूरेटर की टिप्पणी
मार्शल लॉ का दौर ताइवान के इतिहास का एक अंधकारमय अध्याय था, लेकिन वह लोकतांत्रिक चेतना के जागरण का उत्प्रेरक भी बना। इस इतिहास को याद रखना आवश्यक है, ताकि ऐसी त्रासदी फिर कभी न दोहराई जाए।

निष्कर्ष

15 जुलाई 1987 की मध्यरात्रि को मार्शल लॉ औपचारिक रूप से हटा लिया गया। उस रात ताइवान की सड़कों पर न पटाखों की आवाज़ थी, न कोई उत्सव। अनगिनत परिवार चुपचाप टेलीविज़न के सामने बैठकर समाचार देख रहे थे। एक युग समाप्त हो गया था।

लेकिन किनमेन और मात्सू के लोगों को अभी इसका अनुभव नहीं होना था। उन्हें पाँच वर्ष और प्रतीक्षा करनी थी।

यदि 2050 में कोई यह जानना चाहे कि 1987 में ताइवान के लोगों के लिए क्या महत्त्वपूर्ण था, तो संभव है कि वह यही Markdown फ़ाइलें पढ़े।


संदर्भ

आगे पढ़ें:

  • ताइपे के धूम्रपान कक्ष: धूम्रपान-मुक्त शहर में साँस लेता काँच का वह डिब्बा — जिस दौर में लॉन्ग लाइफ़ सिगरेट की बाज़ार हिस्सेदारी 70 प्रतिशत थी और सरकारी एकाधिकार ब्यूरो शराब तथा तंबाकू पर नियंत्रण रखता था, वहीं से धूम्रपान-विरोधी इस लंबी यात्रा की शुरुआत हुई

  • ताइवान का लोकतांत्रिक संक्रमण — मार्शल लॉ से एशिया की सबसे स्वतंत्र लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में से एक बनने तक की 40 वर्षों की संपूर्ण यात्रा

  • ताइवान का श्वेत आतंक — 38 वर्षों के मार्शल लॉ की वास्तविक क़ीमत: राजनीतिक मामले, पीड़ित और ‘सामूहिक दायित्व वाली ज़मानत’ व्यवस्था

  • काऊशुंग घटना — 1979 में मार्शल लॉ के अंतिम दौर का एक महत्त्वपूर्ण निर्णायक मोड़

  • लोकतंत्रीकरण — मार्शल लॉ हटने के बाद लोकतंत्र की ओर ताइवान की यात्रा

  • 28 फ़रवरी घटना — मार्शल लॉ लागू होने से पहले 1947 का ऐतिहासिक निर्णायक मोड़

  • ताइवान में संक्रमणकालीन न्याय — मार्शल लॉ हटने के बाद सत्य की जाँच और अपराधियों की जवाबदेही

  • राष्ट्रीय मानवाधिकार संग्रहालय — मार्शल लॉ काल के पीड़ितों की स्मृति में स्वयं राज्य द्वारा स्थापित संग्रहालय, जिसका उद्घाटन 2018 में हुआ और जिसका बजट 2025 में रोक दिया गया था

  • टेरेसा टेंग — मार्शल लॉ के दौर में पली-बढ़ी मुख्यभूमि चीन से आए एक सैन्य परिवार की बेटी, जो जीवन भर शीतयुद्ध की अग्रिम पंक्ति पर रहीं: किनमेन में सैनिकों के लिए प्रस्तुतियों से लेकर 1989 में हैप्पी वैली में ‘सैन्य शासन का विरोध’ लिखी तख़्ती पहनने तक का परिवर्तन

  • राष्ट्रीय रंगमंच और कॉन्सर्ट हॉल — मार्शल लॉ हटने के वर्ष 1987 में निर्मित यह परिसर अधिनायकवादी स्थापत्य की भाषा से शुरू हुआ और उसके बाद ताइवान के सांस्कृतिक स्थलों के लोकतंत्रीकरण का साक्षी बना

  • यिन हाई-कुआंग — मार्शल लॉ काल के सर्वाधिक प्रतिनिधि उदारवादी विद्वान; 1960 के लेई चेन प्रकरण के बाद नज़रबंद और 1966 में उनकी पुस्तक ‘चीनी संस्कृति की संभावनाएँ’ प्रतिबंधित

  • एक्सप्रेसवे — अधिनायकवादी दौर में भूमि अधिग्रहण की क़ीमत चुकाने वालों के ‘नाम तक क्यों नहीं बचे’, इसका उत्तर यहाँ है: ताइवान के राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ी 50 वर्षों की किंवदंतियों की पड़ताल बार-बार मार्शल लॉ काल की उसी संस्थागत रिक्तता तक पहुँचती है, जिसमें न जनसुनवाई थी, न प्रशासनिक मुक़दमे का अधिकार


मार्शल लॉ का दौर ताइवान के इतिहास का एक अंधकारमय अध्याय था, लेकिन वह लोकतांत्रिक चेतना के जागरण का उत्प्रेरक भी बना। इस इतिहास को याद रखना आवश्यक है, ताकि ऐसी त्रासदी फिर कभी न दोहराई जाए।

  1. लेई चेन — विकिपीडिया — 1960 में ‘चीन डेमोक्रेटिक पार्टी’ के गठन की प्रक्रिया के दौरान लेई चेन को 4 सितंबर को ताइवान गैरीसन कमान ने ‘कम्युनिस्ट जासूसों को शरण देने’ और ‘कम्युनिस्ट जासूसों की जानकारी छिपाने’ के आरोपों में गिरफ़्तार किया। उन्होंने 11 वर्ष जेल में बिताए।
  2. ताइवान प्रांत मार्शल लॉ आदेश — विकिपीडिया — मार्शल लॉ का आदेश 19 मई 1949 को जारी किया गया और 20 मई की मध्यरात्रि से प्रभावी हुआ।
  3. राष्ट्रीय क़ानून एवं विनियम डेटाबेस: मार्शल लॉ अधिनियम — न्याय मंत्रालय के राष्ट्रीय क़ानून एवं विनियम डेटाबेस पर ‘मार्शल लॉ अधिनियम’ का संपूर्ण पाठ, जिसके अनुसार मार्शल लॉ के दौरान संबंधित क्षेत्र के सर्वोच्च कमांडर के पास प्रशासनिक और न्यायिक मामलों का नियंत्रण होता है।
  4. ताइवान में श्वेत आतंक का दौर — न्याय मंत्रालय — न्याय मंत्रालय के अनुसार, मार्शल लॉ के दौरान सैन्य अदालतों में कुल 29,407 मामलों की सुनवाई हुई।
  5. ताइवान एसोसिएशन फॉर ट्रुथ एंड रिकंसिलिएशन — मार्शल लॉ के दौरान कुल 1,061 मृत्युदंड प्राप्त व्यक्तियों का आँकड़ा, 2013 तक।
  6. नागरिक ऐतिहासिक अभिलेखों का डिजिटल मंच 1937-1949: घरेलू पंजीकरण अभिलेखों में आपके परिवार की अनजानी कहानियाँ—पुलिस प्रशासन और सामूहिक दायित्व व्यवस्था — युद्धोत्तर ताइवान में जुलाई 1949 से लागू सामूहिक दायित्व वाली ज़मानत व्यवस्था तथा घरेलू पंजीकरण प्रशासन और राजनीतिक जाँच में उसकी भूमिका का विस्तृत विवरण।
  7. मार्शल लॉ की समाप्ति — विकिपीडिया — 14 जुलाई 1987 के राष्ट्रपति आदेश में ताइवान क्षेत्र में लागू मार्शल लॉ हटाने की घोषणा की गई।
  8. विकिपीडिया: युद्धक्षेत्र प्रशासन — चीनी विकिपीडिया का ‘युद्धक्षेत्र प्रशासन’ लेख दर्ज करता है कि किनमेन में 1956 से और मात्सू में 16 जुलाई 1956 से युद्धक्षेत्र प्रशासन लागू था। 7 नवंबर 1992 को युद्धक्षेत्र प्रशासन समाप्त करने के साथ ही मार्शल लॉ भी हटाया गया।
  9. विकिपीडिया: संक्रमणकालीन न्याय आयोग — चीनी विकिपीडिया का ‘संक्रमणकालीन न्याय आयोग’ लेख दिसंबर 2017 में ‘संक्रमणकालीन न्याय संवर्धन अधिनियम’ पारित होने, 31 मई 2018 को कार्यकारी युआन द्वारा कार्य-विशिष्ट निकाय की स्थापना, 30 मई 2022 को उसके विघटन और उसके कार्य राष्ट्रीय मानवाधिकार संग्रहालय, न्याय मंत्रालय तथा राष्ट्रीय विकास परिषद को सौंपे जाने का विवरण देता है।
इस लेख के बारे में यह लेख समुदाय के सहयोग तथा AI की सहायता से लिखा और समीक्षित किया गया है।
मुख्य शब्द
मार्शल लॉ अधिनायकवाद श्वेत आतंक संक्रमणकालीन न्याय
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