जियांग हुई: बेइतोउ नाकासी से निकली, जिसने मिलियन बिक्री वाला एकमात्र ताइवानी एल्बम गाया
जियांग हुई का जन्म नाम जियांग शु-हुई (江淑惠) है, उनका जन्म 1 सितंबर, 1961 को काऊशुंग में हुआ था। जब वह 9 वर्ष की थीं, तब उनके पिता ने एक मित्र के लिए गारंटी ली थी, जिसके कारण लेनदार उनके घर आ गए और पूरा परिवार रातों-रात ताइपे चला गया। उनके पिता के एक मित्र ने उन्हें बेइतोउ (Beitou) के नाकासी होटल और बार में गायन करने का अवसर दिलाया।1 तीस साल बाद, उन्होंने गोल्डन डिस्क अवार्ड्स जीता, और उनके एल्बम "शराबी के दिल की आवाज़" (Jiǔ hòu de xīn shēng) ने ताइवान में 1.16 मिलियन प्रतियां बेचीं।
कालक्रम
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 1961 | 1 सितंबर को काऊशुंग में जन्म, परिवार में दूसरे स्थान पर, पिता जियांग चेन एक कठपुतली कलाकार (布袋戲師傅) थे1 |
| लगभग 1970 | पूरा परिवार ताइपे चला गया, वह बेइतोउ में गायन करने लगीं, लगभग एक-दो साल बाद अपनी बहन जियांग शु-ना के साथ प्रदर्शन किया1 |
| 1981 | अपने वास्तविक नाम "जियांग शु-हुई" से अपना पहला जापानी एल्बम "टोक्यो हॉलिडे" जारी किया1 |
| 1982 | "जियांग हुई" के नाम से अपना पहला ताइवानी एल्बम "आपको मेरा अनादर नहीं करना चाहिए" जारी किया, जिसे ठंडी प्रतिक्रिया मिली1 |
| 1984 | उनके चौथे ताइवानी एल्बम में "बिछड़ने वाला तट" (Xībié de hǎi'àn) शामिल था, जिससे वह पहली बार प्रसिद्ध हुईं1 |
| 1990 | पहले गोल्डन डिस्क अवार्ड्स में सर्वश्रेष्ठ महिला गायिका का पुरस्कार प्राप्त किया1 |
| 1992 | "शराबी के दिल की आवाज़" जारी किया, ताइवान में बिक्री 1.16 मिलियन, विश्व स्तर पर 3 मिलियन से अधिक1 |
| 1993 | "शराबी के दिल की आवाज़" ने 5वें गोल्डन डिस्क अवार्ड्स में सर्वश्रेष्ठ एल्बम का पुरस्कार जीता1 |
| 2000–2003 | 11वें से 14वें गोल्डन डिस्क अवार्ड्स तक, लगातार चार बार सर्वश्रेष्ठ बोली या ताइवानी महिला गायिका का पुरस्कार जीता1 |
| 2015 | "आशीर्वाद" (Zhùfú) टूरिंग कॉन्सर्ट, 13 सितंबर को काऊशुंग शो के साथ गायन से संन्यास, गोल्डन डिस्क अवार्ड्स विशेष योगदान पुरस्कार प्राप्त किया1 |
| 2024 | 10 सितंबर को पुष्टि हुई कि 2015 के कॉन्सर्ट से ठीक पहले कैंसर का पता चला था, 5 अक्टूबर को 'ग्रैंड डोम' नेशनल डे समारोह में वापसी की1 |
नाकासी से मिलियन बिक्री तक
उन्होंने मात्र 15 वर्ष की आयु में प्राथमिक विद्यालय पूरा किया।1 1981 में उन्होंने पहले जापानी एल्बम के साथ शुरुआत की, और अगले वर्ष ताइवानी एल्बम जारी किया, लेकिन दोनों को अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली। 1984 में "बिछड़ने वाला तट" ने उन्हें पहली बार प्रसिद्धि दिलाई; 1990 के पहले गोल्डन डिस्क अवार्ड्स के जजों ने इसी गीत के उनके लाइव प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन किया था।1
1992 का एल्बम "शराबी के दिल की आवाज़" एक महत्वपूर्ण मोड़ था। रिकॉर्ड बताते हैं कि इस एल्बम ने ताइवान में 1.16 मिलियन प्रतियां बेचीं, जो आधिकारिक रिकॉर्ड में मिलियन क्लब में पहुँचने वाला एकमात्र ताइवानी भाषा का एल्बम है, और इसकी वैश्विक बिक्री 3 मिलियन से अधिक है।1 उन्होंने 2000 से 2003 के बीच लगातार चार बार सर्वश्रेष्ठ बोली या ताइवानी महिला गायिका का पुरस्कार जीता, जिसके बाद नए कलाकारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उन्होंने इस पुरस्कार के लिए प्रतिस्पर्धा करने से इनकार कर दिया।1
उनके प्रतिनिधि कार्यों की बात करें तो, "घर के बाद" (Jiā hòu) उनके 2001 के स्व-शीर्षक एल्बम में शामिल है, जो एक विवाहित महिला की अपने पति के प्रति भावनाओं को दर्शाता है; इसे KTV पर 7 मिलियन से अधिक बार बजाया गया है और 2009 के 20वें गोल्डन डिस्क अवार्ड्स में "मेरा पसंदीदा गाना" श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया। "बारिश की आवाज़" (Luò yǔ shēng) उनके 1999 के एल्बम "आधे नशे में, आधे होश में" (Bàn zuì bàn qīngxǐng) में शामिल है, जिसे KTV पर 5 मिलियन से अधिक बार बजाया गया है।1
संन्यास और वापसी
2015 का "आशीर्वाद" टूर मूल रूप से 16 शो के लिए निर्धारित था, जिसे बाद में बढ़ाकर 25 कर दिया गया। अंतिम शो 13 सितंबर को काऊशुंग में हुआ, जहाँ उन्होंने अपना माइक्रोफोन एक क्रिस्टल बॉक्स में बंद कर दिया (गायन से संन्यास लिया)। विकिपीडिया के अनुसार संन्यास के कारणों में लंबे समय से चक्कर आना (vertigo), प्रदर्शन की पूर्णता के प्रति उनकी मांग, उनके साथी कलाकार फेंग फेई-फेई का निधन, और पायरेसी व रिकॉर्ड उद्योग में गिरावट का दबाव शामिल है।1
10 सितंबर, 2024 को उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया कि 2015 के कॉन्सर्ट से ठीक पहले उनके शरीर में महत्वपूर्ण बदलाव आए थे, और जांच के बाद कैंसर की पुष्टि हुई थी। इसके बाद उनका लंबे समय तक उपचार चला; लेख में कैंसर के प्रकार का उल्लेख नहीं है।1 5 अक्टूबर को, उन्होंने ताइपे ग्रैंड डोम के नेशनल डे समारोह में गाना शुरू किया और आधिकारिक तौर पर वापसी की।1